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कर्मचारी का एरियर निकालने श्रम कल्याण प्रशासक ने मांगी रिश्वत, 20 हजार रुपये लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
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लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत की तत्काल जाँच की और फिर ट्रैप की प्लानिंग की,  पुख्ता जानकारी हासिल कर लोकायुक्त इंदौर की टीम ने विजेंद्र गुप्ता को इंदौर स्थित कार्यालय मे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
कर्मचारी का एरियर निकालने श्रम कल्याण प्रशासक ने मांगी रिश्वत, 20 हजार रुपये लेते लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ा

lokayukta police action

Indore News : लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित किए जाने वाले श्रम मंत्रालय के श्रम संगठन कार्यालय के प्रमुख श्रम कल्याण प्रशासक के पद पर पदस्थ बीस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है, अधीक्षक अपने ही अधीनस्थ से 36 हजार रुपये एरियर निकलने के एवज में बीस हजार की मांग कर रहा था।

इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के श्रम कल्याण संगठन सदस्य कार्यालय में प्रमुख श्रम कल्याण प्रशासक को बीस हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। कार्यालय अधीक्षक विजेंद्र कुमार गुप्ता अपने ही कार्यालय में पदस्थ मल्टी टास्क कर्मचारी राजकुमार काले से एरियर की 36 हजार की राशि निकालने के एवज में बीस हजार की रिश्वत मांग रहा था।

बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते कार्यालय में गिरफ्तार 

बुधवार को वह इंदौर पहुंचा और काले से रिश्वत की राशि की मांग की, काले ने तुरंत लोकायुक्त पुलिस को जानकारी दी, लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत की तत्काल जाँच की और फिर ट्रैप की प्लानिंग की,  पुख्ता जानकारी हासिल कर लोकायुक्त इंदौर की टीम ने विजेंद्र गुप्ता को इंदौर स्थित कार्यालय मे रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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