वेब सीरीज तांडव पर कानूनी शिकंजा, इंदौर न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत

इंदौर, आकाश धोलपुरे। वेब सीरीज तांडव (web series tandav) पर अब छोटी स्क्रीन से लेकर सड़कों तक तांडव जारी है। इतना ही नहीं, अब मामला कानून के द्वार तक जा पहुंचा है। दरअसल, वेब सीरीज तांडव पर जबलपुर से लेकर उत्तर प्रदेश तक एफआईआर दायर हुई है। यूपी पुलिस तांडव की पूरी टीम और अमेजन प्रबंधन से पूछताछ कर रही है तो दूसरी ओर इंदौर में अब तांडव को लेकर जारी आक्रोश न्यायालय तक पहुंच गया है।

तांडव वेब सीरीज के निर्माता, निर्देशक, अमेजन वेब की कंटेंट हेड, सैफ अली खान व अन्य के विरुद्ध मित्र मेला सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह बैस के द्वारा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी के समक्ष भारतीय दंड संहिता की धारा 153a, 295, 505(1)(6), 502 (2), 469 एवं आईटी एक्ट की धारा 66f,67 का परिवाद प्रस्तुत किया गया है। न्यायालय द्वारा परिवाद पर संज्ञान लेते हुए थाना पलासिया को इस घटना की जांच कर दो दिवस में जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। परिवादी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शक्तिपाल सिंह तोमर, भारत विपत, प्रबल भार्गव , कोमल सिंह, विनय जोशी, अजय पीडियार अधिवक्ताओं ने पैरवी की।

परिवाद में हिन्दू देवताओं के अपमान और टिप्पणी, जातिगत ऊंच नीच की भावना, महिला अपराधों को बढ़ावा और स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी के नाम को बदनाम करने की साजिश और प्रोफेसर व छात्राओ के संबंध सहित अन्य बिंदुओं के आधार पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही सख्त कदम उठाने के लिए न्यायालय से गुहार लगाई गई है। 15 बिंदुओं के आधार पर न्यायालय ने पुलिस को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात की है।