लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, PWD का कार्यपालन यंत्री 3 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

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इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर में PWD के कार्यपालन यंत्री धर्मेंद्र जायसवाल को 3 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है| यह कार्रवाई उसके पलासिया क्षेत्र में स्थित सरकारी बंगले पर की गई| कार्यपालन यंत्री (ईई) धर्मेंद्र जायसवाल ने सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार से 50 लाख का भुगतान करने के एवज में रिश्वत मांगी थी| रिश्वत की रकम लेते ही लोकायुक्त की टीम ने कार्यपालन यंत्री को गिरफ्तार कर लिया| 

जानकारी के मुताबिक लोकायुक्त पुलिस को यह शिकायत मिली थी कि लोक निर्माण विभाग के संभाग क्रमांक 1 के कार्यपालन यंत्री धर्मेंद्र जायसवाल के द्वारा चिराग कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार महरुद्दीन खान से ₹50 लाख का बिल मंजूर करने के लिए साढ़े तीन लाख रिश्वत की मांग की है रही है, बाद में सौदा तीन लाख में तय हुआ। ठेकेदार ने लोकायुक्त एसपी एसएस सराफ को शिकायत की थी कि जायसवाल सड़क के भुगतान के लिए उसे पांच महीने से चक्कर लगवा रहा है। वह बिना कमीशन लिए भुगतान करने को तैयार नहीं। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने योजना बनाकर ठेकेदार को तीन लाख रुपए लेकर रात आठ बजे उसके ओल्ड पलासिया स्थित सरकारी बंगले पर भेजा। ठेकेदार वहां पहुंचा और उसने इंजीनियर को ₹3 लाख की राशि रिश्वत के रूप में दी। तभी रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

मेहरुद्दीन ने उनके हाथ में तीन लाख रुपए दिए और कुछ ही देर में बाहर आ गए। खान के जाते ही लोकायुक्त डीएसपी वहाँ पहुंचे और कहा मैं डीएसपी लोकायुक्त भदौरिया, आपने अभी घूस ली है। यह सुनते ही जायसवाल गश खाकर गिर पड़ा।  टीम ने जायसवाल को पानी पिलाया तो वह थोड़ी देर में सामान्य हुआ। फिनापथिनिल से उसके नोट लेने वाले हाथ धुलवाए तो वह गुलाबी हो गए।  इस कार्रवाई को एसपी लोकायुक्त सव्यसाची सराफ के निर्देशन में डीएसपी संतोष सिंह भदोरिया, निरीक्षक सुनील उइके, राहुल गजभिए, आरक्षक प्रमोद, यादव, शिव प्रकाश पाराशर, रामेश्वर निंगवाल, शैलेंद्र सिंह बघेल, अनिल परमार व चालक शेर सिंह ठाकुर शामिल रहे।