इंदौर में लाउड स्पीकर हुए बैन, अब शहर में नहीं सुनाई देगी वायरलेस स्पीकर की कोलाहल

बीते एक साल सब्जी के शोर के नाम पर जो प्रदूषण फैल गया था उससे आज निजात मिल गई है। शहर में लाउड स्पीकर (loud speaker) पर कलेक्टर ने प्रतिबंध लगा दिया है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। तेजी से बढ़ते औद्योगिक शहर इंदौर (Indore) में गुरुवार से नगर निगम ने एक ऐसी कार्रवाई करना शुरू कर दी है जो अब लोगो को सुकून दे रही है। दरअसल, इंदौर के अन्नपूर्णा रोड, कलेक्टर मार्ग, पाटनीपुरा, परदेशीपुरा, चोइथराम, मल्हारगंज, द्वारकापुरी सहित एक दर्जन से ज्यादा सब्जी मंडियों में बीते एक साल सब्जी के शोर के नाम पर जो प्रदूषण फैल गया था उससे आज निजात मिल गई है। शहर में लाउड स्पीकर (loud speaker) पर कलेक्टर ने प्रतिबंध लगा दिया है।

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इन मंडियों के अलावा सड़क पर कपड़े और बर्तन सहित अन्य सामग्री बेचने वालो ने मार्केटिंग का एक नया फंडा अपना लिया था। जिसके तहत वो बाजार से 120 से लेकर 500 रुपये के बीच मिलने वाले छोटे चिलम स्पीकर लेकर आ गए थे और शहर की सड़कों पर सामग्री बेचने के नाम पर ध्वनि प्रदूषण कर रहे थे। लिहाजा, इन बातों की शिकायत जब प्रभारी कलेक्टर और निगमायुक्त प्रतिभा पाल को लगी तो उन्होंने एक ऐसा फरमान जारी कर दिया जिसका असर आज मंडियों में देखा। दरअसल, आम तौर पर जो विक्रेता अपनी आवाज लगाकर सब्जियों के दाम बताता था वो लंबे समय से स्पीकर में अपनी आवाज रेकॉर्ड कर सब्जियों के दाम बताने लगा। ऐसे में पूरे बाजार में शोर उत्तपन्न होता था।

हालांकि प्रभारी कलेक्टर के निर्देश के मुताबिक ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्रों को निगम की टीम 1 अक्टूबर से जब्त करने की कार्रवाई करेगी। लेकिन जब ये बात विक्रेताओं को पता चली तो उन्होंने एक दिन पहले से ही कार्रवाई के डर के चलते ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल करीब करीब बन्द कर दिया। प्रभारी कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शोर-शराबा करने पर कोलाहल अधिनियम के तहत कार्रवाई के आदेश जारी किए है और ये संदेश निगम ने आज से ही देना शुरू कर दिया जिसके बाद बाजार की कोलाहल से बहुत हद तक आज से ही छुटकारा मिल गया है।

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