प्रवासी मजदूर की इंदौर में मौत, ट्राले में बैठकर मुंबई से जा रहा था बिहार

दादर नागर एंड हवेली

इंदौर| आकाश धोलपुरे| मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में शिवराज सरकार (Shivraj Government) द्वारा प्रवासी मजदूरों का ध्यान रखने के साथ ही एक सहायता राशि भी घोषणा की है। इस बीच रविवार को इंदौर (Indore) में एक प्रवासी मजदूर की मौत का मामला भी सामने आ गया है। जानकारी के मुताबिक तपती धूप में बुखार से पीड़ित मजदूर की मौत अस्पताल ले जाने के पहले ही हो गई। पूरा मामला राउ थाना क्षेत्र का है जहां गोल चौराहे के पहले पिग्डम्बर से ही मजदूर की तबीयत बिगड़ने लगी थी जिसके बाद राउ में रुके ट्राले से मजदूर को उतारकर समाजसेवियों व अन्य लोगो की मदद से मिनेश हॉस्पिटल इलाज के लिए ले जाया जा रहा था लेकिन अस्पताल में इलाज शुरू होता उसके पहले ही मजदूर ने दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने मजदूर के परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी और ये भी बताया कि उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

मृतक मजदूर का नाम नंदकिशोर प्रसाद सामने आया है और वो ट्राले में बैठकर के लोगो के साथ मुम्बई से बिहार के ग्राम राजपुर पकरी जिला नावदा जा रहा था और रास्ते मे इंदौर के राउ बायपास के समीप उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रक ट्राला क्रमांक MH48 T.8828 में मृतक के अलावा अन्य कई मजदूर सफर कर रहे थे जिनकी कोविड जांच होने के बाद ही कोरोना संक्रमण का खुलासा हो पायेगा। मौके पर पहुंचे तहसीलदार मोहम्मद सिराज ने बताया कि मृतक मजदूर के परिजनों को जानकारी दे दी गई है और उसका अंतिम संस्कार भी इंदौर में समाजसेवियों और राउ परिषद के लोगो द्वारा किया जा चुका है। इधर, राउ नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष शिव डिंगु ने बताया कि प्रशासन की अनुमति के बाद मृतक मजदूर को अंतिम संस्कार के लिए शमशान ले जाया गया।
बीते कई दिनों से प्रवासी मजदूरों की आवभगत को लेकर इंदौर सहित समूचे प्रदेश की प्रशंसा देशभर में हो रही है लेकिन रविवार को मजदूर की मौत के मामले के सामने आने के बाद अब लाखो प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य को लेकर अब कई सवाल भी उठने लगे है।