मंत्री वर्मा बोले, आरोप सही हुए तो भतीजे का इस्तीफा दिलवा दूंगा, नहीं तो सूबेदार रिजाइन करें

minister-sajjan-verma-statement-his-councilor-nephew-controversy-with-trafic-police

इंदौर| शहर के पिपलियापाला क्षेत्र में स्थित राजीव गांधी चौराहा रविवार को अचानक उस समय सुर्खियों में आ गया जब मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा के भतीजे और ट्रैफिक पुलिस के बीच जमकर गहमा गहमी हो गई। इसके बाद वायरल हुए वीडियो ने तो शहर भर में मंत्रीजी के पार्षद भतीजे को चर्चाओं में ला दिया। चालानी कार्रवाई के दौरान पार्षद अभय वर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें ट्रैफिक पुलिस की महिला सूबेदार सोनू वाजपेयी और आरक्षक विजय चौहान ने चैकिंग के दौरान पार्षद को रोका और मोबाइल पर बात करने को लेकर चालानी कार्रवाई की बात कही। फिर क्या था बात इतनी बढ़ गई की दूर तक चली गई। इसके बाद सोमवार को पहले पार्षद अभय वर्मा ने सफाई दी और कहा कि मैं मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइव नही कर रहा था उल्टा ट्रैफिक पुलिस चैकिंग के नाम पर रोककर डिमांड कर रही थी। वही इस पूरे मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब खुद मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का बयान आया। 

उन्होंने कहा कि मंत्री वर्मा ने कहा कि मेरा परिवार संस्कारी है, भतीजा ऐसी हरकत कर ही नहीं सकता। सोमवार को मीडिया से चर्चा के दौरान सज्जन वर्मा ने कहा कि अगर मेरे भतीजे (अभय वर्मा) ने सूबेदार को बालाघाट ट्रांसफर कराने का कहा होगा तो उसका (अभय) तत्काल इस्तीफा दिलवा दूंगा, अगर आरोप गलत है तो महिला सूबेदार भी इस्तीफा दे।  वही उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि कुछ लोग आज बीजेपी का शासन भूले नही है। बता दे कि वायरल वीडियो में ये साफ सुनाई दे रहा है कि दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर सवाल उठा रहे थे। जहां ट्रैफिक सूबेदार सोनू वाजपेयी का आरोप है कि उन्हें ट्रांसफर कराने की धमकी पार्षद ने दी तो पार्षद का कहना है कि उनसे डिमांड की गई थी और उस चौराहे पर बेवजह लोगो को परेशान किया जाता है। अब कौन सही है और कौन गलत इसका तो पता नही चल पाया लेकिन ऐन चुनावी मौके पर कांग्रेसी पार्षद के विवाद के सामने आने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार की किरकिरी हो रही है। क्यूंकि अभी हाल ही में एक और ऐसा ही मामला सामने आया था जिसमे सूबेदार ने वीडियो बनाते हुए कहा था कि चाहे बाला बच्चन की धमकी दो चालान तो काटूंगा| इस वीडियो के वायरल होने पर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार की जमकर घेराबंदी की थी, वहीं सूबेदार को ट्रेनिंग पर भेज दिया था|