मिलावट पर बोले सिलावट-कभी मैं भी सब्जी बेचा करता था, अब वह स्वाद नही

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इंदौर।

 प्रदेश में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के बाद कमलनाथ सरकार ने सब्जियों की खेती में रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल को लेकर सख्त रवैया अपनाया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट कहा कि नाले किनारे उगाई जा रही हानिकारक सब्जियों के खिलाफ मुहिम शुरू की जाएगी, जिसके लिए अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं।वही उन्होंने मिलावट के कारण सब्जियों के स्वाद में हो रहे परिवर्तन को लेकर कहा कि कभी मैं भी सब्जी बेचता था। उस समय की सब्जियों में बहुत स्वाद होता था, लेकिन अब सब्जियों में वह स्वाद ही नहीं है। 

स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि मैंने भी सब्जियां बेची हैं, इसलिए मुझे पता है कि आजकल किस तरह बाजार में जहरीली सब्जियां बेची जा रही है, ऐसे लोगों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई की जाएगी। दूध, घी और मावा के नाम पर कुछ लोग मिलावट कर सफेद जहर बेच रहे हैं। प्रदेश में 19 जुलाई से अब तक 1784 नमूने जांच में लिए गए हैं। इनमें से 110 की जांच हो चुकी है। अधिकतर नमूने अमानक पाए गए हैं। जिन नमूनों में मिलावट की अधिक आशंका है, ऐसे करीब 100 नमूनों को जांच के लिए मुंबई की लैब भेजा गया है। मध्य प्रदेश में अब दूध-मावे-सब्जी के बाद खाद-बीज की भी जांच होगी। 

सब्जियों में मिलाया जा रहा आर्सेनिक, कास्टिक और कैडमियम 

बैठक में संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने बताया, कान्ह नदी के किनारे उगाई जा रहीं सब्जियों को पिछले दिनों कार्रवाई कर नष्ट कराई गई थी। सब्जियों में मिलने वाले केमिकल की जांच होगी। मिलावट अभियान के साथ ही इनकी सैंपलिंग भी की जाएगी। खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग के अफसरों ने मंत्री सिलावट को बताया, एक बार नाले किनारों की सब्जियों की सैंपलिंग करके जांच करवाई गई थी, जिसमें खतरनाक कोलीफार्म व राउंड वार्म की मात्रा मिली थी। सब्जियों को जहरीला करने वाले आर्सेनिक, कास्टिक और कैडमियम जैसे तत्व भी मिले थे।