MP News : शरीर से पसीने के बजाय निकल रहा था खून, फिर किया गया ऐसे इलाज कि हुआ चमत्कार।

बीमारी की चर्चा अब न सिर्फ भारत मे हो रही है बल्कि समूचे विश्व मे हो रही है।

इंदौर, आकाश धौलपुरे। इंदौर (Indore) में मेडिकल साइंस (Medical Science) को पीछे छोड़ते हुए होम्योपैथी (homeopathy) पद्धति ने वो कमाल कर दिखाया कि एक बेटी का जीवन सामान्य हो गया। हालांकि, पिछले कुछ दिनों से इंदौर के चिकित्सा जगत मद ये ही चर्चा है कि आखिरकार 17 साल की लड़की के साथ ऐसा क्या हुआ होगा कि उसके शरीर से पसीने के बजाय खून निकल रहा था। दरअसल, जब इस बीमारी के संदर्भ में रिसर्च जर्नल सामने आया तो खुलासा हुआ कि कोरोड़ो लोगो मे से किसी एक को होने वाली बीमारी की चपेट में लड़की आ गई थी जिसका इलाज महज 30 हजार रुपये के खर्च में 6 महीने के ट्रीटमेंट और 6 माह के ऑब्जर्वेशन के बाद हो गया और अब लड़की बिल्कुल सामान्य जीवन जी रही है।

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एडवांस होम्यो सेंटर में 17 वर्षीय लड़की इलाज डॉक्टर ए. के. द्वेदी ने किया। उनके मुताबिक जिस लड़की का इलाज किया गया वो संभ्रात परिवार से है और उसके परिजन शरीर मे से पसीने के बजाय ब्लड निकलने की परेशानी से परेशान थे। वही बच्ची को कभी भी शरीर के पसीने वाले अंगों से पसीने के बजाय ब्लड निकलता था। ऐसे में परिजनों ने बड़े से बड़े स्किन स्पेशलिस्ट को दिखाया लेकिन केस को जानने के बाद कोई इलाज नही मिला।

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वही पड़ोसियों ने देवी के प्रकोप की आशंका जताई थी जिसके बाद लड़की के परिजनो ने उस पर भी काम किया लेकिन बात नही बनी। वही कई विशेषज्ञ लोग इसे मानसिक बीमारी से जोड़कर देख रहे थे। लिहाजा, मानसिक चिकित्सक को भी दिखाया गया लेकिन कोई भी परेशानी सामने नही आई। वही वजह और बीमारी बरकरार थी लिहाजा, होम्योपैथी के जरिये डॉ. ए. के. द्वेदी ने हेमडोहाईड्रोसिस नामक बीमारी पर रिसर्च किया तो सामने आया कि 3 साल पहले दिल्ली की एक युवती को ऐसी ही बीमारी थी।

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मेडिकल साइंस को हैरान कर देने वाली बीमारी का इलाज दो अलग अलग फेज में किया गया। जून 2021 में ट्रीटमेंट शुरू किया गया और इसके बाद अगले 6 माह तक लड़की को ऑब्जर्वेशन में रखा गया। जिसके बाद होम्योपैथी के इलाज का चमत्कारी असर हुआ और वर्तमान में लड़की पूरी तरह स्वस्थ है वही वो इन NEET की तैयारी कर रही है। फिलहाल, हैरान कर देने वाली बीमारी की चर्चा अब न सिर्फ भारत मे हो रही है बल्कि समूचे विश्व मे हो रही है।