MP News : फर्जी एडवायजरी कंपनी की मास्टरमाइंड पूजा थापा ने किया कोर्ट में सरेंडर। 

पुलिस इनके सभी कनेक्शन खंगाल रही है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (indore) में अलग – अलग नामों से गैरकानूनी तरीके से संचालित की जा रही फर्जी एडवायजरी कंपनियों का हवाला देकर निवेश कराने वाली मास्टरमाइंड ठगोरी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। दरअसल, पवन तिवारी और पूजा थापा नामक दो शातिरों ने एक मायाजाल बनाकर ऐश की जिंदगी जीने के लिए 350 से ज्यादा लोगो के साथ लाखों की ठगी की थी। सभी निवेशकों की रकम जोड़ दी जाए तो मामला कई करोड़ की ठगी का है।

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बताया जा रहा है ठगोरी गैंग को पवन तिवारी और पूजा थापा ने तैयार किया था और इसी गैंग के जरिये वो लोगो को चपत लगाते थे। एक ई – मेल से मिली शिकायत के आधार पर इंदौर की राउ पुलिस ने पूरे मामले का फंडाभोड़ किया था। जिसके बाद जानकारी सामने आई कि गूगल का डेटा खरीदकर, फर्जी सिम के जरिये एडवायजरी कंपनी के जालसाज टेलीकालर्स लोगो को अपनी बातों में उलझा उनके निवेश किये जाने रुपयों को दोगुना तिगुना करने का प्रलोभन देते थे। जिसके बाद उनसे गरीब मजदूरों के खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर कराये जाते थे और चंद रुपये देकर वो गरीब व मजदूर वर्ग के खातों से रुपये निकालकर ऐश करते थे। वही जब निवेश कर चुके लोग टेलीकालर्स को फोन करते थे तब कालर्स अपनी सिम मोबाइल सहित नष्ट कर देते थे।

MP News : फर्जी एडवायजरी कंपनी की मास्टरमाइंड पूजा थापा ने किया कोर्ट में सरेंडर। 

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हालांकि, पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक इस मामले में पवन तिवारी सहित कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वही मास्टर माइंड पूजा थापा की तलाश जारी थी। वही बुधवार को अचानक शातिर ठग पूजा थापा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि ठगोरी पूजा पर 10 हजार रुपये का इनाम पुलिस ने घोषित किया था। पूजा थापा ने फर्जी नामो से नकली एडवायजरी कंपनी की आड़ मे करोड़ों की धोखाधड़ी की थी। शातिर महिला ठग पूजा थापा ने आज कोर्ट खुलते ही सरेंडर कर दिया है। राऊ पुलिस को उसकी तलाश थी और उस पर 10 हज़ार का इनाम भी घोषित किया गया था। बताया जा रहा है कि पूजा थापा ही इस गैंग की मास्टरमाइंड है। राउ पुलिस के मुताबिक पूजा पहले एक एडवायजरी कंपनी में पवन औऱ अन्य साथियों के साथ काम करती थी। जिसे पुलिस ने कार्यवाही कर बन्द करवा दिया था। इसके बाद पूजा ने साथ काम करने वाले साथियों को जोड़कर खुद की एडवायजरी कंपनी शुरू कर दी। उसने कंपनी की आड़ में आधा दर्जन खाते खुलवाए और लोगो से धोखाधड़ी कर उसमें रुपए ट्रांसफर कराने लगी। वही आज पुलिस के डर से उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इधर, पुलिस अब उसे हिरासत में लेकर अन्य साथियों की जानकारी निकालेगी। फिलहाल, करोड़ो का गबन कर लोगो की जोड़ी गई राशि को चूना लगाने वाले अब कानून के शिकंजे में है और पुलिस इनके सभी कनेक्शन खंगाल रही है।