इंदौर में खुलेगा सीपेट का सब-सेंटर, अधिकारियों ने मानी आईपीपीएफ की मांग

इंदौर।

शहर में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजिनियरिंग एंड टैक्नॉलाजी का सेंटर खोलने की मांग प्लास्टिक उद्योग संगठन लम्बे समय से कर रहे है। अब इस दिशा में सफलता मिलती दिख रही है। सीपेट की गर्वनिंग बॉडी मैंबरों की मीटिंग इंदौर में आयोजित की गई। इस दौरान इंडियन प्लास्ट पैक फोरम के प्रतिनिधी मंड़ल ने सीपेट के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की। अधिकारियों ने इंदौर में सब- सेंटर खोलने की मांग को स्वीकार करते हुए जल्दी से जल्दी सेंटर की अनुमति प्रदान करने की बात भी कही। प्रदेश के प्लास्टिक उद्योगों का सबसे बडा प्रतिनिधी संंगठन इंडियन प्लास्ट पैक फोरम इस सेंटर के लिए लम्बे समय से प्रयासरत था। इस सब सेंटर के खुलने से प्लास्टिक इंडस्ट्रीज को अनेक प्रकार की सुविधाऐं मिलेगी।

पहली बार इंदौर में गर्वनिंग बॉडी मिटिंग

सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजिनियरिंग एंड टैक्नॉलाजी ( सीपैट) की गर्वनिंग बॉडी मैंबरों की 131 वीं मीटिंग इंदौर में आयोजित की गई। इस बैठक के लिए भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के केमिकल एवं पेट्रो-केमिकल विभाग के सचिव श्री पी. राघवेंंद्र राव, ज्वाइंट सेक्रेटरी काशी नाथ झा, सीपैट के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर (डॉ) एसके नायक सहित अन्य सदस्य और उद्योग संगठन के सदस्य पदाधिकारी इंदौर आए थे। बैठक 21 फरवरी को होटल मेरियट में आयोजित की गई थी। इस आयोजन में प्रदेश के प्लास्टिक उद्योगों का सबसे बडा प्रतिनिधी संंगठन इंडियन प्लास्ट पैक फोरम भी सक्रिय रूप से शामिल था। बैठक के बाद अधिकारियों के दल ने इंदौर शहर के वेस्ट मैनेटमेंट और प्लास्टिक वेस्ट के निपटान के लिए किए जा रहे कार्य को देखा। इस दौरा अधिकारियोंं को ने नगर निगम इंदौर के वेस्ट ट्रांसफर स्टैशन, ट्रेंचिग ग्राउड स्थित वेस्ट सेग्रीगेसन प्रोसेस और अन्य कार्य का निरिक्षण भी किया। इस निरिक्षण में आईपीपीएफ के अध्यक्ष सचिन बंसल, सचिव राम किशोर राठी, सुभाष चतुर्वेदी सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य भी साथ मौजूद थे।

अधिकारियों से मिला आईपीपीएफ का प्रतिनिध मंडल

शाम को आईपीपीएफ द्वारा सीपैट गर्वनिंग बॉडी मेम्बरों के सम्मान में भोज का आयोजन किया। इस दौरान भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के केमिकल एवं पेट्रो-केमिकल विभाग के सचिव श्री पी. राघवेंंद्र राव, ज्वाइंट सेक्रेटरी काशी नाथ झा, सीपैट के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर (डॉ) एसके नायक से आईपीपीएफ के प्रतिनिधी मंडल ने चर्चा की। बैठक में आईपीपीएफ के वरिष्ठ सदस्य सुभाष चतुर्वेदी ने इंदौर मेंं प्लास्टिक उद्योंगों की जानकारी दी और सिपैट सेंटर के लिए आवश्यकता बताई। आईपीपीएफ अध्यक्ष सचिन बंसल ने बताया कि अधिकारियों को सीपैट के सेंटर खुलने से इंदौर ही नही पुरे प्रदेश को सुविधा मिलने की बात कही।

इंदौर में सब सेंटर खोलना तय

उद्योगपतियों की मांग को गंभीरता से सुनने के बाद भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के केमिकल एवं पेट्रो-केमिकल विभाग के सचिव श्री पी. राघवेंंद्र राव ने कहा कि वे इस दिशा में जल्दी से जल्दी जरूरी अनुमति प्रदान करेंगे। उन्होनें सकारात्मक रूप से सेंटर के लिए उचित स्थान और जरूरी अनुमतियों के लिए एमएसएमई को निर्देशित करने की बात भी कही। भारत सरकार के रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के केमिकल एवं पेट्रो-केमिकल विभाग ज्वाइंट सेक्रेटरी काशी नाथ झा ने कहां की सब सेंटर के लिए जरूरी उपकरणों और मशीनों के लिए भी तत्काल अनुमति प्रदान की जाएगी। सीपैट के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर (डॉ) एसके नायक ने भी सब- सेंटर खोलने के लिए सभी जरूरी दिशा-निर्देश जल्दी से जल्दी जारी करने की बात कही। आईपीपीएफ की ओर से एक प्रतिवेदन भी अधिकारियों को सौंपा गया। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए।

 प्रदेश के प्लास्टिक उद्योग को  होगा लाभ

आईपीपीएफ अध्यक्ष सचिन बंसल ने बताया कि सीपैट के सब-सेंटर को इंदौर में स्थापित होने से प्रदेश की प्लास्टिक इंडस्ट्रीज को लाभ मिलेगा। उन्होनों बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक प्लास्टिक उत्पाद निर्माता इकाईयां इंदौर में है। कच्चे माल के रूप में आने वाले पोलिमर और तैयार माल को निर्यात का सबसे बडा सेंटर भी इंदौर है। वही पीथमपुर और इंदौर के विकसित औद्योगिक वातावरण में इंदौर में इस सब सेंटर की सबसे अधिक आवश्यकता है। जबकि इसके लिए वर्तमान में भोपाल सीपैट को सम्पर्क करना होता है। अधिकारियों से चर्चा के दौरान आईपीपीएफ सचिव राम किशोर राठी, कोषाध्यक्ष विकास बांगड, वरिष्ठ सदस्य सुभाष चतुर्वदी, प्रेम नागौरी, हितेश मेहता, आरके माहेश्वरी सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य मौजूद थे।