इंदौर के अब इन अस्पतालों के कर्मचारियों पर एफआईआर

इंदौर।आकाश धोलपुरे

कोरोना(corona) से इंदौर(indore) के कई इलाके संक्रमित है ऐसे में प्रशासन लोगो के स्वास्थ्य को लेकर कोई कोताही नही बरतना चाहता है। इसी के चलते 2 दिन पहले जिला प्रशासन(district administration) ने इंदौर के शैल्बी अस्पताल के 13 पैरामेडिकल(paramedical) स्टाफ(staff) कर्मचारियों पर एफआईआर(FIR) की कार्रवाई की थी और अब प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए शहर के गोकुलदास और चोइथराम के 29 स्टाफ कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट(national disaster management act) 2005 एवं एपिडेमिक डिसिज एक्ट 1897 में प्रदत्त शक्तियों के द्वारा सभी पर धारा 187, 188, 269, 270 271 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। दरअसल, चोईथराम अस्पताल मैनेजमेंट और गोकुलदास अस्पताल प्रबंधन द्वारा जिला प्रशासन को जानकारी दी थी उनका स्टाफ ड्यूटी पर नही आ रहा है इसके बाद प्रशासन ने भी सम्पर्क किया लेकिन माकूल जबाव न मिलने पर आखिरकार प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।

चोइथराम अस्पताल में इन पर हुई कार्रवाई

चोइथराम अस्पताल के अनुपस्थित रहने वाले 12 पैरामेडिकल स्टाफ में कविता मौर्य, प्रिया सिंह, अनुपम पटेल, कोमल यादव, आरती पाल ,सुमित्रा चौहान ,नंदनी धीमान, माया यादव, ज्योति डाबर , प्रियंका तिवारी , रोशनी सूर्यवंशी और प्रदीप गुप्त शामिल है।

गोकुलदास अस्पताल में इन पर हुई कार्रवाई

गोकुलदास अस्पताल के 17 पैरामेडीकल स्टाफ में डॉक्टर मनीष अग्रवाल, जितेंद्र कड़क ,महेंद्र बिरला , सुनील पाटीदार , मिलिंद पंतवामे, , रेशमी गौर, कविता कुमावत, लिबिन जोश, विजय कुरील, विनीत कहार, नरेंद्र मेहरा, पूजा अग्रवाल, अजय बिलनावर, राकेश बर्मन, दुर्गा कुशवाह, शांति निनीमा और आशा ठाकुर शामिल हैं।
इंदौर में कोरोना के संकट के दौरान अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। अब तक 5 आयुष डॉक्टरो का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है वही 3 निजी अस्पतालों के पैरामेडिकल स्टाफ के 42 कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की है।

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