इंदौर में रिश्वतखोर पटवारी को मिली चार साल की सजा

Amit Sengar
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Indore News : इंदौर जिले में एक पटवारी द्वारा जमीन नपती में गड़बड़ी करने के एवज में 1 लाख रुपए की रिश्वत लेने वाले पटवारी सहित दो आरोपियों को स्पेशल कोर्ट ने तीन धाराओं में 4-4 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उन पर जुर्माना भी लगाया है।

आमतौर पर एक कहावत कही जाती है कि पटवारी क्या होता है यह देखना हो तो उसके क्षेत्र में जमीन ले लो! इन पंक्तियों से जमीन मालिकों को पटवारी द्वारा किस कदर परेशान किया जाता होगा और रिश्वत का कैसा खेल चलता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऐसे ही एक मामले में इंदौर में जमीन की नपती में गड़बड़ी करने वाले पटवारी सहित 3 आरोपी कोर्ट में नप गए हैं। आरोपियों के नाम कमल बीसी (पटवारी) तथा राजकुमार पटेल, महू हैं।

यह है पूरा ममला

बता दें कि मामला 9 अप्रैल 2015 का है, आरोपियों ने फरियादी भगवान पटेल से उनकी जमीन की नपती यथावत रहने के एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसी राशि के एक लाख रुपए लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया था। मामले में चौकीदार श्याम सोलंकी को भी शामिल पाया गया था। इस पर तीनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आठ साल चली सुनवाई में 30 नवंबर को फैसला हुआ। इसमें स्पेशल कोर्ट ने आरोपी कमल व राजकुमार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13 (1) डी, 13 (2) पीसी एक्ट एवं धारा 120 बी में दोषी पाते हुए तीनों धाराओं में 4-4 वर्ष की सजा तथा प्रत्येक धारा में 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। आरोपी श्याम सोलंकी के खिलाफ दोष सिद्ध नहीं हुआ, जिस पर कोर्ट ने उसे दोष मुक्त किया। लोकायुक्त की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक आशीष खरे ने की।

इंदौर से मंगल राजपूत की रिपोर्ट


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मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

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