साढ़े तीन साल से अटके पीएससी के परिणाम, नाराज सैकड़ों अभ्यर्थी विरोध में उतरे सड़क पर

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट।  मप्र लोकसेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षाओं के परिणाम साढ़े तीन साल से अटके हैं। परिणामों में देरी को लेकर नाराज उम्मीदवारों ने शुक्रवार को इंदौर में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, दरअसल ओबीसी आरक्षण के लंबित विवाद का निर्णय नहीं आने के चलते पीएससी परीक्षाओं के नतीजे घोषित नहीं कर रहा।  नतीजों में देरी से परेशान उम्मीदवार विरोध प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर गए। पांच से सौ ज्यादा अभ्यर्थीयों ने  पीएससी मुख्यालय तिरंगा रैली निकालते हुए पीएससी मुख्यालय का घेराव किया।

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राज्यसेवा परीक्षा 2019 के साथ ही राज्यसेवा परीक्षा 2020 और 2021 के नतीजे भी पीएससी ने घोषित नहीं किए हैं। 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर स्थिति साफ नहीं होने के कारण पीएससी ने परीक्षा तो ली लेकिन रिजल्ट घोषित नहीं हो पाए। उम्मीदवारों के अनुसार पीएससी की परीक्षाओं की तैयारी करने वाले और भाग लेने वाले ज्यादातर विद्यार्थी इंदौर से बाहर के हैं। मध्यमवर्गीय परिवारों के ये अभ्यर्थियों के पढ़ाई का खर्च अब घरवालों ने भेजना भी बंद कर दिया है। पीएससी रिजल्ट नहीं दे रही। नतीजा कई उम्मीदवार इंतजार में ही आयुसीमा से बाहर और मेडिकली अनफिट हो रहे हैं। छात्राओं पर तो दोहरी मार पड़ रही है। पढ़ाई छुड़वाकर परिवार वाले उनकी शादियां करवा रहे हैं। पीएससी और शासन दोनों ओबीसी आरक्षण को राजनीतिक लाभ के लिए अधर में अटकाए हुए हैं। मुद्दे को हल नहीं कर विद्यार्थियों के भविष्य से खेल रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे भंवरकुआ भोलाराम उस्ताद मार्ग से पांच सौ से ज्यादा उम्मीदवार तिरंगा यात्रा के साथ पीएससी मुख्यालय पहुंचे और घेराव किया। हालांकि इस दौरान पुलिस ने उन्हे रोकने का प्रयास भी किया। खास बात है कि विद्यार्थियों के घेराव के कारण शुक्रवार को शहर की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवा रही कोचिंग संस्थानों ने भी छुट्टी घोषित कर दी।