कोरोना संकटकाल में ड्यूटी ज्वाइन न करने वाले 5 डॉक्टरों के पंजीयन निरस्त

इंदौर| आकाश धोलपुरे| इंदौर में कोरोना महासंकट के बीच जिला प्रशासन ने एक कड़ा फैसला लिया है और फैसले के तहत 5 डॉक्टरों पर कार्रवाई कर उनके पंजीयन निरस्त कर दिए गए है। दरअसल, इंदौर में कोरोना पर रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने जब से जिम्मा सम्भाला है तब से ही ड्यूटी पर मौजूद ना रहने वाले डॉक्टरों को चेतावनी दी जा रही थी की वो ड्यूटी पर आए। इसी के तहत कलेक्टर द्वारा कई दफा डॉक्टर्स को चेताया गया था कि यदि वो संकट के दौर में शहर के साथ नही होंगे तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आज इंदौर कलेक्टर ने 5 आयुष डॉक्टर्स के पंजीयन निरस्त करने के आदेश दे दिए है। आदेश में नियमो का हवाला देकर ऐसे डॉक्टर्स का भविष्य में पंजीयन नही किये जाने को लेकर भी हिदायत दी गई है। बता दे कि प्रशासन द्वारा, मुश्किल घड़ी में आयुष डॉक्टरों की ड्यूटी अलग – अलग क्षेत्रो और अस्पतालो में लगाई गई थी लेकिन डॉक्टर ने प्रशासन के निर्देशों का पालन न करते हुए ड्यूटी भी ज्वाइन नही की। आदेश के मुताबिक डॉ. पप्पू आसके, डॉ. राहुल जैन, डॉ. गजेंद्र पाल, डॉ. बी.आर. गूर्जर और डॉ. जयकुमार गंगवार जैसे आयुष डॉक्टरों का पंजीयन निरस्त किया जा चुका है। प्रशासन के सख्त कदम के बाद अब उन शासकीय और निजी अस्पतालो के डॉक्टरो में खलबली मच गई है जो कलेक्टर के निर्देशो का पालन नही कर रहे है। इधर, शहर में इस बड़े फैसले के बाद मेडिकल स्टोर संचालको में भी हड़कंप मच गया है क्योंकि उन्होंने दुकाने नही खोली तो उनका लायसेंस, फूड एंड ड्रग विभाग की जांच के बाद निरस्त किया जा सकता है|