इंदौर।आकाश धौलपुरे।

कोरोना संक्रमण के संकट भरे समय मे कई सोशल मीडिया यूजर्स अफवाह फैला रहे है जिसके चलते अब इंदौर में प्रशासन सख्त हो गया है। दरअसल, रविवार को इंदौर में सोशल मीडिया के अलग – अलग व्हाट्सएप ग्रुप्स में इंदौर में कर्फ्यू की मियाद बढ़ाने को लेकर एक अफवाह, इंदौर कलेक्टर का हवाला देकर फैलाई गई थी जिसके बाद शहर के हर हिस्से में भ्रामक संदेश के कर्फ्यू की मियाद पर चर्चा शुरू हो गई थी।

असल मे रविवार को कलेक्टर इंदौर की ओर से कर्फ्यू को बढ़ाने के लेकर कोई निर्देश जारी ही नही किया गया था इसके बाद आज सुबह इंदौर कलेक्टर की नाराजगी भी देखने को मिली । आज इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान कलेक्टर मनीष सिंह ने उन लोगो को आगाह किया है जो कोरोना संकट के दौरान अफवाह फैलाकर शहर का माहौल बिगाड़ने की जुगत में लगे हुए है । कल वायरल हुए सन्देश और सोशल मीडिया पर चलाई जा रही फेक न्यूज को लेकर कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि वायरल हुए संदेश को लेकर सायबर सेल में शिकायत की जा चुकी है और सोशल मीडिया पर फेक सन्देश फैलाने वाले व्यक्ति पर आई टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वही कलेक्टर इंदौर ने निर्देश दिए है कि इंदौर में सभी व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन, ग्रुप्स पर अपना कंट्रोल रखे नही तो फेक न्यूज़ और संदेश चलाने वालों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी और जेल भेजा जाएगा।

इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने ये भी साफ किया कोविड – 19 के खिलाफ चल रही जंग में किसी ने भी भ्रामक और गलत जानकारी सोशल मीडिया पर चलाई तो पुलिस उसे सीधे घर से उठायेगी। बता दे कि कोरोना संकट के बीच व्हाट्सएप ग्रुप्स और फेसबुक के जरिये भ्रामक जानकारी शहर में फैलायी जा रही है और हद तो तब हो गई जब इंदौर में, कलेक्टर मनीष सिंह के हवाले से ही कर्फ्यू की मियाद बढ़ाने का फर्जी संदेश चलाया गया। ऐसे में आप लोग होशियार हो जाये नही तो सोशल मीडिया के गलत उपयोग के चलते आपको जेल की हवा तक खानी पड़ सकती है।