विशेष न्यायालय का आदेश, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अधिकारी की संपत्ति का राजसात 

2011 से अधीक्षण यंत्री महेंद्र जैन के खिलाफ चल रहा मामला। इस मामले में ढ़ाई करोड़ से अधिक संपत्ति को राजसात करने के आदेश विशेष न्यायलय ने दिए है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर के विशेष न्यायालय(Special court) ने सोमवार को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग(Rural  services mechanical department) के भ्रष्टाचारी अधीक्षण महेंद्र जैन की संपत्ति को राजसात (Confiscation) करने के आदेश दिए है। दस साल पहले जैन के ठिकानों पर लोकायुक्त(Lokayukt) ने छापा (Rade) मारा था, जिसमें उसके परिवार के आठ अन्य सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया था।

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विशेष लोक अभियोजक महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि साल 2011 में अधीक्षण यंत्री महेंद्र जैन के खिलाफ लोकायुक्त को अनुपातहीन सम्पत्ति जमा किये जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत पर लोकायुक्त (Lokayukt) ने उनके ठिकानों पर दबिश दी थी। जिसमें महेंद्र जैन और उसके परिवार के पास चार करोड़ से अधिक की संपत्ति पाई गई थी। जिसके बाद विशेष न्यायालय ने इस मामले में ढ़ाई करोड़ से अधिक की संपत्ति याने कुल 2 करोड़ 69 लाख 43 हजार 233 रुपये को राजसात(Confiscation) करने के आदेश दिए है।

 

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