क्यों निकाली गई नगर पंचायत अध्यक्ष को गधे पर बिठाकर बारात? जानिए

इंदौर/ अकाश धोलपुरे

प्रदेश के सबसे आधुनिक शहर इंदौर में आज एक ऐसी बारात निकाली जिसके रहस्य को जानकर आप भी चौंक जाएंगे। ये बारात इंदौर से सटे ग्रामीण इलाके में निकाली गई और इस पर दूल्हा बनकर बैठने वाले कोई और नही बल्कि नगर पंचायत के अध्यक्ष थे। ढोल ताशे और युवाओं की टोली के साथ निकाली गई इस बारात को देखकर तो हर आने जाने वाला शख्स हैरान रह गया, क्योंकि इसमें दूल्हा तो बिल्कुल सजा धजा था और बाराती व ढोल ताशे भी थे। लेकिन जब लोगों ने देखा कि दूल्हा किसी घोड़ी पर नही बल्कि गधे पर सवार है तो लोगों के जेहन में एक सवाल उठने लगा आखिर ऐसा क्यों ?

दरअसल,  गधे पर निकाली गई ये बारात इंदौर से सटे राऊ ग्रामीण क्षेत्र की है, जहां गधे पर नगर पंचायत अध्यक्ष शिवा डींगु सवार है। नगर पंचायत अध्यक्ष इसलिए गधे पर बैठकर दूल्हा बने, क्योंकि इन्हें अब चिंता सताने लगी है कुदरत के कहर की। दरअसल, मानसून लगभग समाप्ति के करीब आ चुका है और अब तक इंदौर सहित आस पास के ग्रामीण अंचल में आशा के अनुरूप बारिश नही हुई है।

शिवा डिंगु मानते है कि पुरानी मान्यताओ के अनुसार जब गांव में बारिश नहीं होती थी तो गांव के मुखिया या पटेल को गधे की सवारी कराई जाती थी। जिसके बाद बारिश का टोटका असर कर जाता था। नगर पंचायत अध्यक्ष राऊ के मुताबिक जीवन काल की उल्टी दिशा तय करके ये बारात निकालनी पड़ती है, जिसके चलते शमशान में सबसे पहले राई और नमक का छिड़काव कर बारात को उल्टी दिशा में भ्रमण कराया जाता है, जिसके बाद बारिश हो जाती है।

शिवा डींगु की माने तो इसके पहले वो ऐसा 3 से 4 बार कर चुके है, जिसका परिणाम भी सफल रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी मान्यता सफल होगी और बदरा बरसेंगे। फिलहाल,  इंदौर में कोरोना की आफत के बीच इस अनूठी की बारात के चर्चे जोरो पर है और हर कोई इसके रहस्य को जानकर आश्चर्यचकित है।

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