MP में नेताओं के इस्तीफों पर बोले नकवी-‘जिसको आना है आए, जाना है जाए’

इंदौर। आकाश धौलपुरे।
‘ मेरी ठाट, हुनर हाट ‘ के आयोजन में शिरकत करने आये केंद्रीय मंत्री और अल्पसंख्यक मामलों के जानकार मुख्तार अब्बास नकवी रविवार को इंदौर पहुंचे। इस दौरान सीएए के विरोध में हो रहे लगातार इस्तीफों को लेकर बडा बयान दिया। नकवी ने कहा कि बीजेपी बहुत बड़ी पार्टी है जिनको आना है वो आये और जिनको जाना है वो जाए क्योंकि बीजेपी में ना तो इंट्री गेट है और ना ही एग्जिट गेट।

दरअसल, हुनर हाट के शुभारंभ अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टण्डन मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद थे। हुनर हाट के जरिये काश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के हुनरमंदों की कला के जरिये तैयार किये गए हस्तशिल्प उत्पादो का मेला केंद्र सरकार का एक बड़ा आयोजन है , जो प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रिय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी ने मीडिया से चर्चा की और कहा किइसके दौरान सीएए, एनआरपी जैसे कानून के विरोध में अल्पसंख्यक नेताओ व कार्यकर्ताओं द्वारा बीजेपी छोड़े जाने पर सवाल किया गया तो केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने साफ किया कि बीजेपी बहुत बड़ी पार्टी है जिनको आना है वो आये और जिनको जाना है वो जाए क्योंकि बीजेपी में ना तो इंट्री गेट है और ना ही एग्जिट गेट। कुल मिलाकर इंदौर, सहित समूचे प्रदेश और देश के अल्पसंख्यक नेताओ व कार्यकर्ताओं को नकवी ने साफ कर दिया है कि कानून लागू हो चुका है बाकि का रास्ता चुनना अल्पसंख्यक नेताओ के हाथ मे है।

सीएए को राजनीति से दूर रखे
वही उन्होंने कहा कि सीएए को राजनीति से दूर रखें यह कानून पड़ोसी पीड़ितों के लिए है। सीएए पर 1955 के पंत-मिर्जा समझौते के हवाले से कहा कि पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक अल्पसंख्यकों का दायित्व भारत सरकार पर भी है जिसके लिए कानून बनाया गया जिसका असर भारतीय नागरिकों पर नही पड़ेगा। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए उन्हीं अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी जा रही है जो धार्मिक तौर पर प्रताड़ित हैं। हम भारत की नागिरकता यूं ही नहीं बांट रहे हैं, जो लोग ये साबित कर सकेंगे कि वे इन मुल्कों में प्रताड़ित थे, उन्हीं को नागरिकता दी जाएगी।

राहुल को लिया आड़े हाथ
वही सीएए, धारा 370 और ट्रिपल तलाक के सवाल पर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा की यह राष्ट्र हित से जुड़े हुए मामले हैं इसका दिल्ली चुनाव से कोई सरोकार नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी साफ किया कि वो एग्जिट पोल नही बल्कि एग्जेक्ट पोल पर विश्वास करते है जो 11 तारीख को आएगा और जनता का आदेश सिर माथे होगा। वही राहुल गांधी के डंडे वाले बयान पर कहा कि सोनिया गांधी को मेरी सलाह है कि वो पप्पू को की पॉलिटिकल प्ले स्कूल में भेजे ताकि वो कुछ सीख सके और पीएम को डंडे मारने जैसी बातें सामने ना लाये।