प्रदेश की सबसे बड़ी फल मंडी में कारोबार शुरू, हड़ताल स्थागित

strike-over-of-deviahiya-bai-fruit-mandi

इंदौर। प्रदेश की सबसे बड़ी देवी अहिल्याबाई होलकर फल मंडी में गुरुवार दोपहर अतिक्रमण हटाने के बाद हुआ हंगामा आखिरकार 24 घण्टे बाद थम गया। दरअसल, फल मंडी में स्थित पीने के पानी के प्याऊ को अतिक्रमण मानकर हटाया गया था। जिसके चलते व्यापारियों में आक्रोश पैदा हो गया और उन्होंने मंडी परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया था। 

आखिर में 4 थानों के पुलिस बल के साथ मंडी प्रशासन और नगर निगम की रिमहुवल टीम ने प्याऊ सहित अन्य अतिक्रमण हटाए। इसके बाद ही शुक्रवार शाम को फल व्यापारियों ने हड़ताल की घोषणा विरोध स्वरूप कर दी थी। ऐसे में शुक्रवार सुबह से फल मंडी में कारोबार बंद रहा जिससे ना सिर्फ लाखो के राजस्व का नुकसान मंडी समिति को हुआ बल्कि फल भी खराब हो गए। बता दे कि प्रदेश के सबसे बड़ी फल मंडी में करोड़ो का कारोबार होता है लेकिन मंडी बन्द रहने से फलों की आपूर्ति रुक गई और खेरची में फलो के दाम आसमान को छूने लगे। व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश भेरूलाल परीडवाल ने बताया कि मंडी प्रशासन की लापरवाही के चलते प्याऊ हट गया है वही दूसरी और जब जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया तब व्यापारियों ने जिलाधीश कार्यालय पर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रशासन ने व्यापारियों से कुछ वक्त मांगा है। इसी के चलते दोपहर 2 बजे हड़ताल स्थागित कर दी गई है और अब यदि व्यापारियों प्याऊ सहित अन्य मांगों पर प्रशासन ने ध्यान नही दिया तो सोमवार को एक बड़ी बैठक कर व्यापारी आने वाले गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। हड़ताल समाप्त होने के मंडी से पुलिस बल भी कम होता चला गया वही बाहर से आने वाले माल और जाने वाले माल की आवाजाही भी शुरू हो गई है। हालांकि इस मामले में फल व्यापारी मंडी प्रशासन को कोस रहे है लेकिन सवाल अब ये उठता है कि जिला प्रशासन कैसे मामले को सुलझाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here