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भोपाल।  मध्य प्रदेश की इंदौर सीट पर अब तक पेंच फंसा है। बीजेपी इस सीट पर लोकल लीडरशीप की खींचतान में फंसी है। वर्तमान सासंद सुमित्रा महाजन 75 पार फॉर्मूले के तहत उम्मीदवार घोषित होने से पहले ही पीछे हट चुकी हैं। उन्होंने इंदौर सीट से पूर्व  इंदौर विकास प्रधीकरण के पूर्व चैयरमेन शंकर लालवानी का नाम आगे किया था। लेकिन पार्टी नेताओं में आपसी सहमती नहीं बनने से नाम होल्ड हो गया। इस बात से खफा होकर ताई दिल्ली रवाना हो गईं लेकिन उनकी मुलाकात पीएम से नहीं हो सकी। सूत्रों के मुताबिक वह अब अपने बेटे के लिए टिकट का प्रयास कर रही हैं। माना जा हा है बीजेपी उनके बेटे के नाम पर सहमति जता सकती है। इस बात का ऐलान एक दो दिन में हो सकता है। सुमित्रा महाजन ने भी जारी बयान में कहा है कि इंदौर सीट पर पार्टी को फिलहाल जल्दबाजी नहीं है। 

सूत्रों के मुताबिक कैलाश विजयवर्गीय और सुमित्रा महाजन के बीच तकरार की वजह से शंकर का नाम फाइनल नहीं हो पाया है। महाजन के करीबियों का कहना है कि वह अब अपने बेटे मंदार महाजन के लिए टिकट का प्रयास कर रही हैं। वहीं, कैलाश खेमे से रमेश मेंदोला का नाम भी सामने आया है। उनके अलावा, पूर्व संगठनात्मक महासचिव कृष्ण मुरारी मोघे, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस, पूर्व विधायक गोपी कृष्ण नेमा और पूर्व मीडिया प्रभारी गोविंद मालू भी टिकट पाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

रामलाल लेंगे फैसला

भाजपा के राष्ट्रीय संगठनात्मक महासचिव रामलाल को इंदौर सीट पर फैसला करने का काम सौंपा गया है। वह सभी नेताओं के साथ चर्चा के बाद निर्णय लेंगे। कांग्रेस ने इंदौर सीट से पंकज संघवी को उतारा। संघवी को टिकट मिलने से पार्टी के उम्मीदवार तय करने की कवायद भी बीजेपी में तेज हो गई है।