इंदौर में भयावह स्थिति, फिर सामने आए 419 नए केस, अबतक 500 से ज्यादा की मौत

CORONA

इंदौर, आकाश धोलपुरे। इंदौर (Indore) में कोरोना अब सारी हदें पार करता नजर आ रहा है। रविवार को रात जारी सरकारी आंकड़ो के मुताबिक कोरोना (Corona) से हुई मौतों की कुल संख्या 505 हो गई वही कोविड – 19 के नए शिकार, रिकॉर्ड 419 पॉजिटिव मरीजो के रूप में सामने आए है। आंकड़ो की इस भयावहता में आर्थिक राजधानी का कोई भी शख्स शामिल नही होना चाहता है लेकिन बड़ी संख्या में लोगो की लापरवाही अब शहर को एक ऐसे मार्ग पर ले जा रही है जहां जीवंत जीवन पर सवालिया निशान हर किसी के मन मे खड़े हो रहे है। भले ही इंदौर में रिकवरी रेट 77.99 प्रतिशत तक जा पहुंचा हो लेकिन चिंता का विषय कोरोना से होने वाली मौतें और संक्रमण की रडार में आ रहे लोग है।

रविवार को 2517 सैम्पल टेस्ट किये गए जिनमे से 419 लोग पॉजिटिव पाए गए है और एक दिन में सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीजो का ये सबसे बड़ा आंकड़ा है। इंसानी जीवन को आंकड़ो में तब्दील करने वाली विनाशकारी बीमारी के संक्रमण के इंदौर में अब कुल 19937 मामले सामने आए है जिनमे से 15550 लोग ठीक हो चुके है तो दूसरी ओर 505 लोगो की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3882 लोगो का इलाज वर्तमान में जारी है।

एम.पी.ब्रेकिंग न्यूज ने आंकड़ो की भयावहता और कोरोना बढ़ते पर प्रभाव पर वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा (Senior journalist Kirti Rana) ने बात की तो उन्होंने बताया कि कोरोना के फैलाव की वजह है लोगो की लापरवाही, सारी उम्मीद हम प्रशासन से करे की प्रशासन ही सब संभाल लेगा तो ये संभव नही है हमे अपने स्तर पर सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने बताया कि फरवरी, मार्च और अप्रैल में जो कोरोना था उसमें पेशेंट ज्यादा आ रहे थे लेकिन वो ठीक हो रहे थे और वर्तमान में पेशेंट भी ज्यादा है और डेथ रेट भी ज्यादा है। वही बढ़ते डेथ रेट की वजह ये है कि अस्पतालो में बेड फुल है और आईसीयू है नही। वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा ने ये भी ताकीद किया कि हम कोरोना के मरीजो की तो चिंता कर रहे है लेकिन ये भूल रहे है कि जो क्रॉनिकल बीमारी वाले बाकि मरीजो की कौन सोच रहा है जिनको बीपी, शुगर, लकवा, हार्ट से संबंधित बीमारी है उन मरीजो को तो इलाज भी नही मिल पा रहा है वही किडनी पेशेंट्स को तो डायलासिस भी नही मिल पा रहा है हालांकि बढ़ते डेथ रेट के पीछे कोरोना की भयावहता भी है। उन्होंने बताया कि इसका इलाज कुछ नही लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि हम सतर्कता बरते। इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोग जब एक दूसरे से बात करते है तब मास्क का इस्तेमाल नही करते और ये ही सबसे बड़ी वजह है संक्रमण के फैलाव की क्योंकि बात करते थूक के बारीक कण ही मुश्किलें बढ़ा रहे है।

सितंबर माह में अब तक 107 लोगो की हुई मौत

कोरोना सितंबर में बड़े सितम ढा रहा है और ये ही वजह है इस माह के 20 दिनों में रिकार्ड 107 लोगो की मौत हुई है जबकि 6687 लोग पॉजिटिव होकर संक्रमण की चपेट में आये है। इधर, इस माह में 3600 से ज्यादा मरीज ठीक भी हुए है। फिलहाल, सितंबर का सितम इंदौर में जारी है। ऐसे में हम आपसे अपील करते है कि आप मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग करने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन करे है क्योंकि आप सुरक्षित और सतर्क रहोगे तो आपका परिवार सुरक्षित रहेगा।

वरिष्ठ पत्रकार मनोज बिनवाल का निधन
इधर, कोरोना ने अब मीडिया जगत से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है इंदौर के एक बड़े अखबार के दफ्तर में सहित अन्य कुछ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संस्थान में भी मीडियाकर्मियों के पॉजिटिव होने की खबर सामने आ रही है। वही इंदौर में बीते कुछ दिनों से कोविड से जंग लड़ रहे वरिष्ठ पत्रकार मनोज बिनवाल की मौत हो गई है जिसके चलते समूचा प्रादेशिक और राष्ट्रीय मीडिया जगत दुःखी है।

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