कैलाश बोले-सुशांत मामले की हो CBI जांच, कमलनाथ को लेकर कही ये बात

कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर, आकाश धोलपुरे

रक्षाबंधन पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने वृद्धाश्रम, दृष्टिहीन कल्याण संघ सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं के साथ राखी का पर्व मनाया, बस इस वर्ष अंतर ये था हर वर्ष एक ही स्थान पर किया जाने वाला आयोजन कोविड – 19 के प्रकोप के चलते एक ही स्थान पर सेलिब्रेट नही किया जा सका, लिहाजा विजयवर्गीय खुद अलग अलग स्थानो पर राखी के पर्व शामिल हुए और वो भी सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य कोविड नियमो का पालन किया।

इंदौर में वे पहले परदेशीपुरा स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे और यहां उन्होंने राखी का पर्व मनाया और उपहार भी बांटे। विजयवर्गीय ने यहां पश्चिम बंगाल में भाजपा नेताओं के टीएमसी में जाने संबंधी खबरों को निराधार बताते हुए कहा कि टीएमसी सरकार से प्रभावित होकर कुछ पत्रकार यह भ्रम फैला रहे है कि कुछ बीजेपी नेता टीएमसी में जा रहे है यह भ्रामक और शरारतपूर्ण खबर है सारे सांसद और बीजेपी नेता मोदी जी के साथ है।

इधर, इस आयोजन के बाद वो महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ पहुंचे जहां उन्होंने दृष्टिबाधित छात्राओं से अपनी कलाई पर राखी बंधवाई। फिर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने उमा भारती के अयोध्या भूमि पूजन के दौरान न जाने के फैसले को लेकर कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के कोविड पॉजिटिव आने के बाद थोड़ा सा लोगों मे डर है, क्योंकि काफी लोग गृहमंत्री जी से मिलकर आये थे।

उमा जी ने लोगों के स्वास्थ्य का धयान रखते हुए ये बात की होगी वही उन्होंने जो चिंता व्यक्ति की वो प्रधानमंत्री जी के स्वास्थ्य के लिए व्यक्त की है। बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव ने ये भी कहा कि यूपी के सीएम ने कोविड को देखते हुए अयोध्या में पुख्ता व्यवस्था कराई है। इधर, कांग्रेस और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा की जा रही रामभक्ति पर विजयवर्गीय ने साफ किया कि कांग्रेस ने जो पाप किये है वो उन्हें धोना चाहिए ये अच्छा अवसर है।

सुशांत मामले में परिजनों की मांग पर सीबीआई जांच होनी चाहिए

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने महाराष्ट्र के मुंबई में सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के लेकर किये गए सवाल के जबाव में कहा कि मैं इस पर बहुत ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन यदि सुशांत का परिवार सीबीआई जांच चाहता है तो कर देना चाहिए क्योंकि इसको लेकर बहुत सारे प्रश्रचिन्ह पैदा हो रहे है। इस मामले में महाराष्ट्र सरकार को भी जिद नहीं करना चाहिए उनके परिवार की इच्छा है तो सीबीआई जांच करवा देनी चाहिए।