यह है इंदौर की सड़कों पर नोट मिलने का सच, पुलिस ने किया खुलासा

इंदौर| आकाश धोलपुरे| मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कोरोना संकटकाल में शहर के हीरा नगर थाना क्षेत्र में सड़क पर नोट मिलने से हड़कंप मच गया था। शहर के सुखलिया स्थित खातीपुरा इलाके की खातीपुरा धर्मशाला के सामने 10, 50, 100, 200 और 500 के करीब 25 नोट 16 अप्रैल की दोपहर 12 बजे मिले थे और उस वक्त आशंका जताई जा रही थी किसी ने नोटो को कोरोना संक्रमण फैलाने के उद्देश्य से फेंक दिए थे। इसके बाद मौके पर निगम का अमला और पुलिस बल पहुंचा । आशंका के चलते और क्षेत्रीय रहवासियों से मिली जानकारी के बाद क्षेत्र को सेनेटाइज किया गया था और पुलिस ने नोटो को जब्त कर लिया था। इसके बाद पुलिस तफ्तीश में जुट गई थी।

सड़क पर इतनी बड़ी संख्या में नोट मिलने के बाद हीरानगर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए तब कही जाकर खुलासा हुआ कि सड़क पर नोट मिलने की असल वजह क्या थी। नोटो के सड़क पर मिलने की हकीकत सामने आई तो रहवासियों ने चैन की सांस ली।

दरअसल, सार्वजनिक मार्ग पर पड़े नोट जिनमें 100, 200 ,500 ,50 एवं 10 रुपये के नोट की कुल राशि 6480 रुपए थी जिन्हें सेनेटाइज कर जब्त कर लिया गया था। पुलिस की पड़ताल मे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पता चला कि नोट किसी व्यक्ति द्वारा शरारतन या कोरोना बीमारी को फैलाने के नियत से नहीं फेंके गए थे बल्कि यह नोट इंडेन गैस के एक डिलीवरी बॉय की जेब से गिरे थे| इस बात के खुलासे के बाद स्थानीय नागरिकों ने राहत की सांस ली है।

गैस डिलेवरी करने वाले डिलेवरी बॉय की जेब से गिरे नोटो के बाद सड़क पर मिले नोट की हकीकत सामने आ गई है | जिसके बाद इंदौर पुलिस प्रशासन और हीरा नगर टीआई राजीव भदौरिया में शहर के नागरिकों से अनुरोध किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों से सावधान रहें व अफवाह फैलने वालों की पहचान कर उनकी सूचना स्थानीय पुलिस को देकर पुलिस का सहयोग भी करे।