कोरोना पर भारी पड़ी परंपरा, भगोरिया पर्व पर जमकर उमड़ रही भीड़

इन दिनों भगोरिया पर्व की परंपरा निभाई जा रही है और लोग झूमकर अपने घरों से निकलकर उन मेलो में शिरकत कर रहे है। जहां पैर रखने की जगह तक नहीं मिल रही है।

इंदौर आकाश धोलपुरे। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भले ही कई शहरों में कोरोना (Corona) ने आतंक मचा रखा हो लेकिन धार, बड़वानी, झाबुआ, खरगोन जैसे जिलों में इन दिनों भगोरिया पर्व की परंपरा निभाई जा रही है और लोग झूमकर अपने घरों से निकलकर उन मेलो में शिरकत कर रहे है। जहां पैर रखने की जगह तक नहीं मिल रही है।

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दरअसल, इन जिलों के ग्रामीण अंचलों में भगोरिया पर्व की जमकर धूम है। पारंपरिक परिधानों में आदिवासी बहुल क्षेत्रो से निकलकर महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में उन मेलो में जा रहे है। जहां जलेबी के स्वाद को चखने के साथ भजियो का लजीज स्वाद का लुत्फ उठा रहे है। बात करे मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील की जनपद डही कि तो यहां गुरुवार को भगोरिया का मेला भराया जहां पूर्व मंत्री रंजना बघेल के बीजेपी के प्रदेश जयदीप पटेल मौजूद रहे। यहां रंग बिरंगे परिधानों में कलाकारों ने अपनी कला का जमकर जौहर दिखाया। वही पारंपरिक वेशभूषा में युवतियां बेहद आकर्षक अंदाज में होली की खरीदी करती दिखाई दी।

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इस मौके पर पूर्व मंत्री रंजना बघेल (Ranjana Baghel) ने भी पारम्परिक नृत्य की प्रस्तुत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते भगोरिया उत्सव का लोगों में उत्साह कम दिखाई दे रहा है। लोग असमंजस में थे कि भगोरिया पर्व होगा या नहीं। भगोरिया को धूमधाम से मनाया जा रहा है और लोगो को ताकीद भी किया जा रहा है कि वो कोरोना की गाइडलाइन का पालन करें। फिलहाल, होली से 7 दिन पहले से शुरू होने वाले भगोरिया पर्व को आदिवासी बहुल इलाकों में अपने तौर तरीकों से मनाया जा रहा है। आदिवासी बहुल इलाकों में जहां कोरोना गायब है लेकिन परंपरा जिंदा है और ना ही किसी को कोरोना की चिंता या फिक्र है।