सूबेदार बोला- नेताओं का नाम लेने वाले को नहीं छोड़ता, अफसरों ने एंगर मैनेजमेंट कोर्स करने भेजा

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इंदौर।

मध्यप्रदेश के इंदौर में चलानी कार्रवाई करने औऱ वीडियो वायरल होने के बाद सुबेदार अरुण सिंह को  छुट्टी पर भेज दिया गया है।अफसरों का कहना है कि अरुण  की मनोस्थिति ठीक नही है, इसी के चलते वे अक्सर लोगों से विवाद करते है,शायद घर का टेंशन है, इसलिए उन्हें एंगर मैनेजमेंट का कोर्स करने भेजा गया है। वही दूसरी तरफ अरुण का कहना है कि कोई गरीब आदमी होता है तो मैं समझाइश देकर छोड़ देता हूं लेकिन नेताओं का नाम लेने वाले किसी भी व्यक्ति को नही छोड़ता हूं।मैं अपना काम पूरी ईमानदारी से करता हूं ताकी कोई मेरे काम पर सवाल खड़े ना करे।

अरुण सिंह का कहना है कि मैं ऐसा कोई काम नही करता जिससे मेरी कार्यशैली पर सवाल उठे। गरीब लोगों को तो मैं भी हिदायत देकर छोड़ देता हूं लेकिन कोई भाजपा-कांग्रेस नेताओं का नाम लेगा तो मैं नहीं छोड़ूंगा। यह नहीं कि शासन जो बोलेगा वह मैं करूंगा। मैंने एक हजार रुपए मांगे थे और 500 की रसीद दी, यह आरोप झूठा है। मेरा एक और वीडियो सामने आया है। वह शिव कार्नर का है।कल बाइक सवार सुभाष चौक की तरफ से भीड़ में मोबाइल पर बात करते हुए आ रहा था। मैंने रोका और कहा साइड में खड़े हो जाइए। चालक के पास गाड़ी के कागज नहीं थे।  उसने कहा मैं अश्विन जोशी का भांजा हूं। कुछ देर बाद अखिलेश जैन (गोपी) आए और कहा राजवाड़ा पर रहना है तो हमारी बात सुनना पड़ेगी।  

मेरे पास भी है कई वीडियो

इसके बाद वह चिल्लाकर बात कर रहा था। पुलिस की वर्दी पहनी है। चूड़ियां नहीं पहनीं। वे लोग अलग होंगे जो सुनते होंगे, मैं बिलकुल नहीं सुनूंगा। जब तक इस संस्था के लिए काम कर रहा हूं, ईमानदारी से करूंगा। मैं कार्रवाई के दौरान वीडियो बनाता हूं। ऐसे 10 वीडियो हैं मेरे पास। राऊ गोल चौराहे पर जीतू ठाकुर (जनपद सदस्य) भी मेरे पास दादागीरी करने आए थे। उनका भी मेरे पास वीडियो है। मालिनी गौड़ से जुड़े विवेक गौड़ का भी वीडियो है मेरे पास।अगर एक भी आरोप सही निकला तो मैं नौकरी से इस्तीफा दे दूंगा। मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी है। सूबेदार का कहना है कि मैंने जो भी किया, सही किया है। 

यह है पूरा मामला 

दरअसल, मामला मंगलवार शाम चार बजे का है। सूबेदार अरुण सिंह राजवाड़ा क्षेत्र में अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। उन्होंने मनीष दवे नामक युवक को गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करते पकड़ लिया। मनीष ने परिचित कांग्रेस नेता अखिलेश जैन को मौके पर बुला लिया। अखिलेश ने बताया कि सूबेदार उससे एक हजार रुपए ले रहे थे और पांच सौ की रसीद दे रहे थे। हम वहां पहुंचे तो विवाद करने लगे। इस पर हमने उनका वीडियो बना लिया।इसके बाद इसकी शिकायत कांग्रेस अध्यक्ष से की गई तो शाम होते होते सूबेदार को फील्ड से हटा दिया गया और एसएसपी ने उन्हें तलब कर थाने में बैठने को कहा है।इसके बाद आज गुरुवार से उनकी फिल्ड से छुट्टी कर दी गई है।

सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ था वायरल

दरअसल, बुधवार को चलानी कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमे कहा गया ‘मैं सूबेदार अरुण सिंह, थाना ट्रैफिक पश्चिम, मैं किसी से नही डरता यदि कोई ट्रैफिक नियमो का उल्लंघन करेगा तो मैं चालान बनाऊंगा, चाहे बाला बच्चन की धमकी दो या किसी का नाम लो, मैं बिलकुल बर्दाश्त नहीं करूंगा, चालान काटूंगा..

छुट्टी पर शिवराज ने भी उठाए सवाल

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बुधवार को ट्वीट कर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था “मैंने सुना है कमलनाथ सरकार ने इस निडर पुलिस अफ़सर को अपना कर्तव्य निभाने के लिए और कांग्रेस की गुंडागर्दी को न मानने पर लाइन अटैच करवा दिया है। वाह, राहुल गांधी जी वाह, क्या यही कांग्रेस का क़ानून प्रति सम्मान है?”|