इंदौर के लॉ कॉलेज में किताब को लेकर हंगामा, 06 प्रोफेसर्स को पांच दिन के लिए हटाया

Indore Controversy over book in law college : इंदौर के शासकीय नवीन लॉ कॉलेज में धार्मिक कट्‌टरता फैलाने के लगे आरोपों के बाद अब वहां चल रही एक किताब को लेकर विवाद शुरू हो गया है, दरअसल सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्दति की इस किताब में जिसके लेखक फरहत खान है, इस पुस्तक में संघ, विश्व हिंदू परिषद से लेकर धारा 370 और हिंदू सम्प्रदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी गई है। हंगामे के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने जिला न्यायालय के किसी अवकाशप्राप्त न्यायाधीश से इन आरोपों की जांच कराने का निर्णय लेते हुए छह प्राध्यापकों को शैक्षणिक कार्य से पांच दिन के लिए हटा दिया है, जिनमें चार मुस्लिम शिक्षक शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि यह किताब कॉलेज की लाइब्रेरी में हैं, जिसे छात्रों को पढ़ने के लिए कहा जाता है। वहीं एक छात्रा ने कहा है कि यहां प्रोफेसर द्वारा गलत बातें कही जाती हैं, छात्राओं को संदेश भेजे जाते हैं। वहीं प्रिंसीपल ईनामुर्रहहमान ने कहा कि लाइब्रेरी में यदि इस तरह की किताब हैं तो मुझे इस किताब और इसके कंटेट के बारे में कोई जानकारी नहीं है, यदि ऐसा है तो लेखक और प्रकाशक दोषी है, हमारी गलती नहीं है। यदि यह किताब लाइब्रेरी में है तो इसे यहां लाने वालों पर कार्रवाई होगी। हमने जांच के लिए समिति गठित कर दी है, इन किताब को हम हटा देंगे। कॉलेज में सब कुछ अच्छा चल रहा है, पता नहीं किसी की नजर लग गई है, इन आरोपों को लेकर मैं आहत हुआ हूं।

धारा 370 को लेकर यह लिखा है किताब में

आज सारे हिंदू संगठन एक स्वर से मुसलमानों की कश्मीर में धारा 370 लगाकर विशेष सुविधाएं देने का विरोध यह कहकर कर रहे हैं कि कशमीर में उग्रवाद इसी के कारण पनप रहा है। यदि इनसे पूछा जाए कि पंजाब में उग्रवाद क्यों हैं, बिहार, उप्र, असम में जहां जहां हिंदू उग्रवाद है वहां भी धारा 370 नहीं लगी है। समान नागरिक संहिता पर यह लिखा है समान नागरिक संहिता को लेकर लिखा है कि हिंदू कहते हैं कि समान नागरिक संहिता की बात कर हम मुसलमानों के कानून में सुधार करना चाहते हैं। जो नारी के विरुद्ध है, वह अपने कानून की बात नहीं करते हैं, जहां जो शूद्र स्त्री और गैर हिंदुओं के विरूद्ध है। हिंदुओं को अपने सिविल कोड में सुधार की बात करना चाहिए।

संघ को लेकर किताब में यह है टिप्पणी

स्वयं सेवक संघ और उसके परिवार की संस्थाएं साम्प्रदायिक है, ये हिंदूवाद की बात करती है और हिंदू धर्म को संविधान और देश से ऊपर मानती है। बीजेपी और कांग्रेस के बारे में यह लिखा दोनों में कोई अंतर नहीं है, दोनों ब्राह्मणवादी दल है। विश्व हिंदू परिषद पर यह लिखा है हिंदू सम्प्रदायवाद विध्वंसकारी विचारधारा के रूप में उभर रहा है। विश्व हिंदू परिषद जैसा संगठन हिंदू बहुमत का राज्य स्थआपित करना चाहता है और दूसरे समुदायों को शक्तिहीन बनाकर गुलाम बनाना चाहता है।

छात्रा ने लगाए आरोप

कॉलेज की एक छात्रा ने कहा कि एक प्रोफेसर छात्राओं को सिलेक्ट करते हैं खासकर जैन और ब्राह्मण को, फिर उन्हें मैसेज करते हैं, मूवी आदि ले जाने का आफर देते हैं। हमारी शिकायतों के बाद भी कॉलेज प्रंबधन कोई कार्रवाई नहीं करता है, तीन माह का समय हो चुका है। अन्य फैकल्टी शिक्षा नीति को भी गलत बताते हैं, शिवाजी, महाराणा प्रताप जैसे महान व्यक्तित्व को कायर बताते हैं।

गुरुवार को क़ॉलेज में हुआ था हंगामा

इंदौर के शासकीय नवीन लॉ कॉलेज में प्रोफेसर द्वारा धार्मिक कट्टरता फैलाने के आरोप में बीजेपी की छात्र संगठन इकाई एबीवीपी द्वारा गुरुवार को लगाए गए और हंगामा किया गया। आरोपों के बाद कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. इनामुर्ररहमान ने एक पत्र जारी कर छह प्रोफेसर को पांच दिन के लिए शैक्षणिक काम से मुक्त करने का पत्र जारी किया और साथ ही आरोपों का जांच के लिए कमेटी भी बनाने की बात कही। प्राचार्य ने बताया कि उन्होंने एबीवीपी की शिकायत पर छह प्राध्यापकों को शैक्षणिक कार्य से पांच दिन के लिए मुक्त कर दिया है, ताकि जांच प्रभावित न हो। उन्होंने पुष्टि की कि इनमें चार मुस्लिम शिक्षक शामिल हैं.