इंदौर में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या पर क्या बोले नए कलेक्टर, देखें वीडियो

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

आज इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह सबसे पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अधिकारियों से कोरोना संक्रमित मरीजो की जानकारी ली। इंदौर कलेक्टर ने मीडिया की बताया कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो अगले 15 दिनों में इंदौर में स्थिति नियंत्रण में आ सकती है।

कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया की निजी अस्पतालों की मीटिंग लेना कि शुरू कर दी गई है और सभी तरह के पेशेंट का इलाज हो इस बात को भी पुख्ता किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों से ज्यादा केस है जैसे रानीपुरा चंदननगर, हाथीपाला, खजराना इन क्षेत्रों में लोगों की स्कैनिंग कराई जानी और सबसे पहले आज रानीपुरा क्षेत्र में स्केनिंग की जाएगी जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम रवाना की गई है।जिन क्षेत्रों से करोना पॉजिटिव आ रहे हैं उन क्षेत्रों को पूरी तरह से लॉक डाउन कर रहे हैं और इन क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार की दवाइयां भी बंटवाई जा रही हैं। वही कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि इंदौर को पूरी तरह से लॉक डाउन करने की शुरुआत भी आज से करने जा रहे हैं।

कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि इंदौर में 90% लोगों ने किराने के सामान का स्टोर कर लिया है जहां पर सामान की व्यवस्था नहीं है वहां पर वॉलिंटियर्स को भेजकर सामान की व्यवस्था करवाएंगे। कलेक्टर मनीष सिंह ने लोगो से अपील की है कि किया कि लोग हरी सब्जियों का उपयोग ना करे क्योंकि हरी सब्जियों से संक्रमण फैलने का खतरा इसलिए अधिक है कि वह कई हाथों से गुजरकर आपके पास पहुचती है। वही उन्होंने विश्वास दिलाया कि सब्जियों में आलू – प्याज की व्यवस्था करवाई जाएगी। उन्होंने खुद का उदाहरण देकर कहा कि मैं भी भोपाल मे था तो मैंने भी सिर्फ दाल और चावल ही खाए हरी सब्जियों का आवाइड किया है।

उन्होंने माना कुछ दिन की परेशानी है जो लोगों को उठाने को तैयार रहे वही हम प्रशासन की ओर से सामान के पैकेट की व्यवस्था करवाई जाएगी। उन्होंने मजदूरों और हॉस्टलर्स के लिए कहा कि मजदूरों और स्टूडेंट्स के खाने सहित अन्य व्यवस्था के लिए ठेकेदार और होस्टल संचालक की जिम्मेदारी होगी और परेशानी आने पर प्रशासन उनके साथ है। वही उन्होंने कहा की हॉस्पिटल में कोरोनटाइन किये मरीजों की सुख सुविधा की व्यवस्था हम करेंगे। पूरी सख्ती और लॉक डाउन होने पर इंदौर में स्थिति नियंत्रित हो जाएगी ये भरोसा भी इंदौर कलेक्टर ने जताया है।