अजीत जोगी का था जबलपुर से गहरा नाता, कांग्रेस नेता कहते थे ‘जीजाजी’

जबलपुर| संदीप कुमार| छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अजीत जोगी (Ajit Jogi) का आज दोपहर निधन हो गया। बीमारी के कारण वो बीती 9 मई से अस्पताल में भर्ती थे आज उन्हें जीवन जीने के लिए स्पेशल इंजेक्शन भी दिया गया बावजूद इसके उन्हें नही बचाया जा सका। उनके निधन से मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में शोक की लहर है।

जबलपुर से था अजीत जोगी का गहरा नाता
कहते है कि जहाँ ससुराल हो वहाँ रहने वाला हर व्यक्ति साला होता है कुछ इसी तरह का रिश्ता था अजीत जोगी का जबलपुर (Jabalpur) से। पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता रत्नेश सालोमन की बहन रेणु जोगी से उनका विवाह हुआ था यही वजह है कि जबलपुर का हर कांग्रेसी नेता उन्हें जीजा जी कहकर संबोधित करता था और स्व अजीत जोगी भी इस सम्मान के बदले बाकायदा सम्मान दिया करते थे।जब कभी उनका जबलपुर आना होता था तब वो पूर्व मंत्री रत्नेश सालोमन के दोस्तो से जरूर मुलाकात करते थे।

जबलपुर के नेताओ ने उंगली पकड़कर सीखी उनसे राजनीति
पूर्व सामाजिक न्याय मंत्री लखन घनघोरिया बताते है कि उस जमाने के युवा नेता अजीत जोगी को अपना राजनीतिक गुरु मानते थे।आईपीएस-आईएएस के बाद राजनीति में आए अजीत जोगी की उंगली पकड़कर जबलपुर के बहुत से नेताओ ने राजनीति सीखी थी।

आज उनके निधन से छत्तीसगढ़ का सूर्य अस्त हो गया….
पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश से विभाजित होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री बने स्व अजीत जोगी के निधन से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में शोक की लहर है।पूर्व मंत्री की माने तो प्रशासनिक दक्षता के साथ साथ राजनीति के भी धनी व्यक्ति थे स्वर्गीय अजीत जोगी। आज उनके निधन से ऐसा लग रहा है कि जैसे कोई अपना आज हमें छोड़ कर चला गया है।उन्होंने कहा कि मैं स्वयं आज बहुत ही दुखी महसूस कर रहा हूं अजीत जोगी के निधन से।

जबलपुर के रसल चौक पर थी स्व अजीत जोगी की ससुराल…
पूर्व मुख्यमंत्री स्व अजीत जोगी की ससुराल रसल चौक स्थित सिल्वर ओक कंपाउंड में थी।यही पर पूर्व मंत्री रत्नेश सालोमन रहते थे।जबलपुर की बेटी रेणु जोगी से उनका विवाह हुआ था जिस वजह से स्व रत्नेश सालोमन सहित जितने भी उनके दोस्त मित्र थे वो अजीत जोगी को जीजा जी कहकर संबोधित करते थे और बदले में वो भी अपना स्नेह उन्हें देते थे।

अजीत जोगी का था जबलपुर से गहरा नाता, कांग्रेस नेता कहते थे 'जीजाजी'