जेडीए अध्यक्ष की नियुक्ति आदेश ने मचाई खलबली

जबलपुर|संदीप कुमार| Jabalpur News प्राधिकरण और आयोगो मे की गयी नियुक्तियों का मामला भले ही सियासत के गलियारो से अदालत की चौखट तक पहुंच गया हो लेकिन जबलपुर के एक कांग्रेस नेता का दावा है कि उन्हे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जबलपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है | राज्य शासन से आये नियुक्ति पत्र को आधार मान कर कांग्रेस नेता अब्दुल महमूद अब प्राधिकरण के सीईओ से प्रभार मांग रहे हैं जिससे प्राधिकरण के सीईओ परेशान हैं | क्योंकि उनके पास राज्य शासन से ऐसा कोई भी आदेश नही आया है। दाल मे काला नजर आने पर अब जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ ने राज्य शासन से इस संबंध मे दिशा निर्देश मांगे हैं ईधर कांग्रेस नेता अध्यक्ष की कुर्सी न मिलने पर अदालत जाने की तैयारी कर रहे हैं।

जबलपुर के कांग्रेस नेता और कमलनाथ समर्थक माने जाने वाले अब्दुल महमूद के पास 27 फ़रवरी 2020 को राज्य शासन से एक पत्र आया जिसमे उन्हे जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर नियुक्त करते हुये उन्हे राज्य मंत्री का दर्जा देने की सूचना दी गयी। अपर मुख्य सचिव के.के सिंह के नाम से जारी इस शासकीय पत्र मे वे सभी जरूरी औपचारिकतायें पूरी की गयी थी और इसे डाक के माध्यम से भेजा गया था जो कि 27 फ़रवरी 2020 को अब्दुल महमूद को प्राप्त हुया था इसके बाद अब्दुल महमूद को इस नियुक्ति के लिये बधाई संदेश प्राप्त होने लगे और लोगो ने फ़ूल माला पहना कर जश्न भी मना लिया। कुछ दिन बाद अब्दुल महमूद जबलपुर विकास प्राधिकरण के दफ़्तर पहुंचे और उन्होने प्राधिकरण के सीईओ राजेंद्र राय से अपना प्रभार ग्रहण करने की बात की। लेकिन सीईओ राजेंद्र राय के पास राज्य शासन से ऐसा कोई आदेश नही आया था सो उन्होने इस पर अब्दुल महमूद से कुछ दिन इंतजार करने के लिये कहा। अब्दुल महमूद का आरोप है कि महीनो के इंतजार के बाद भी सीईओ ने उन्हे पद भार ग्रहण करने नही दिया है ऐसे मे अब उन्हे दूसरा रास्ता अख्तियार करना होगा।

जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ राजेंद्र राय ने बताया कि उन्हे अब्दुल महमूद के प्राधिकरण के अध्यक्ष नियुक्त किये जाने संबंधी कोई भी आदेश राज्य शासन ने नही भेजा है चूंकि अब्दुल महमूद एक शासकीय पत्र के हवाले से इस बात का दावा कर रहे हैं इसलिये अब राज्य शासन से इस संबंध मे जानकारी मांगी गयी है।

इस पूरे मामले मे एक बात साफ़ है कि जिस शासकीय पत्र के आधार पर अब्दुल महमूद अपने आपको प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किये जाने का दावा कर रहे हैं वह पहली नजर मे फ़र्जी नजर आ रहा है उस पत्र मे कई तरह की खामियां हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अब्दुल महमूद के साथ किसी ने मजाक किया है। अब इस पत्र की सत्यता की जांच होना चाहिये और ऐसे फ़र्जी शासकीय पत्र तैयार करने वालो के खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही की जाना चाहिये। फ़िलहाल इस पूरे मामले को लेकर अब्दुल महमूद बेहद गम्भीरता से कदम बढा रहे हैं।