13 साल के बालक से भीख मंगवाने वाला आरोपी पिता और उसके अन्य साथी गिरफ्तार, खमरिया थाना पुलिस ने की कार्रवाई

जबलपुर, संदीप कुमार

खमरिया थाना पुलिस ने 13 साल के बच्चे से भीख मंगवाने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया है साथ ही दो अन्य युवक भी है जो कि बच्चे को जबरन बाजार में ले जाकर उससे भीख मंगवाया करते थे।जानकारी के मुताबिक मेधा पवार वेलफेयर कमेटी की ने खमरिया थाना में शिकायत दर्ज करवाई की एक बालक जिसकी उम्र 13 वर्ष की है और वो अनाथ निकेतन प्र्रेमसागर जबलपुर की रसीद ओरफन ब्लाईन्ड स्कूल जबलपुर के दस्तावेज दिखाकर भीख मांग रहा था।

बालक से पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम रमेश(बदला हुआ नाम) बताते हुये अपने मास्टर के साथ गली गली जाकर भीख मांगना बताया,चाइल्ड केयर सदस्य से पूछा गया कि भीख मांगने के पश्चात क्या करते हो पूछा, तो सौरभ ने अपने मास्टर अखिल वंशकार के साथ अपने  अनाथ आश्रम चले जाना बताया,थोड़ी देर बाद पिछली गली से उस बालक का मास्टर भी उसके घर के बाहर आ गया , जिससे नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम अखिल उर्फ जगतपति वंशकार उम्र 30 वर्ष निवासी बड़ा पत्थर रांझी का रहने वाला बताया, उसने अखिल वंशकार के दस्तावेज देखे देखने पर दस्तावेज संदेहास्पद प्रतीत हुये दस्तावेजों मे अनाथ निकेतन बापूनगर प्रेमसागर जबलपुर का दस्तावेज मिला जिसमें अनाथ आश्रम एवं अन्य जरूरत के सामान अनाथ बच्चों के उपयोग हेतु प्रदान किये जाने का पत्र था।

संदेही अखिल वंशकार ने बताया कि बड़े मास्टर प्रकाश वंशकार निवासी बाई का बगीचा कांचघर के  हमे जगह जगह जाकर भीख मांगने हेतु दस्तावेज प्रदान करते हेैं।बाद में मेघा पवार की शिकायत पर थाना प्रभारी खमरिया उप निरीक्षक निरूपा पाण्डे और उनकी टीम ने जांच की तो पाया कि अखिल वंशकार और उसका साथी आदतन अपराधी है।

पुलिस ने जब दोनों से पूछताछ की तो बताया गया कि शारदा प्रसाद शर्मा के साथ मिलकर अनाथ निकेतन प्रेम सागर जबलपुर नामक फर्जी संस्था के दस्तावेज सामान्यजन को दिखाकर भीख मांगना स्वीकार किया।बच्चे के पिता शारदा प्रसाद शर्मा को भी सरगर्मी से तलाश कर अभिरक्षा मे लेते हुये सभी से प्रथक-प्रथक दस्तावेज जब्त किये गये हैं।

प्रकरण में धारा 420 भादवि का इजाफा करते हुये तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर मान्नीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।गौरतलब है कि अखिल संस्था के फर्जी दस्तावेज देकर भीख मंगवा रहा था, पकड़े गये आरोपी शारदा प्रसाद शर्मा ने बताया कि संस्था पूर्व मे पंजीकृत थी लेकिन वर्तमान में बंद हो चुकी है।