आखिर क्यों प्रबंध संचालक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मांगे 850 करोड़, क्या नहीं टला अंधेरा छा जाने का संकट !

Electricity Consumers

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। ऐन फेस्टिवल सीजन में पूरे मध्य प्रदेश में अंधेरा छा जाने का संकट बना हुआ है, भले ही राज्य और केंद्र सरकार प्रयास कर रहे है लेकिन खतरा अभी टला नही है। कोयले की कमी के चलतें मध्य प्रदेश में भी कई थर्मल पावर प्लांट बन्द हो गए है और जिनमें काम चल रहा है उनमें भी कोयलें का स्टॉक 2 से 5 दिन का ही बचा है। वही प्रदेश में ठीक त्यौहार के इस मौके पर बिजली कटौती जैसे हालात न बने इसके लिए विभाग पूरी तरह हाथ पैर मार रहा है। कोयले की सप्लाई अटकने की वजह बिजली इकाईयों में उत्पादन कम हो गया है। कोल कंपनियां पिछला बकाया वसूलने पर जोर दे रही है। ऐसे में प्लांट में कोयले की सप्लाई घटा दी गई है। इधर बिजली कंपनी का दावा है कि पूरे देश में कोयले का संकट है।

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हालांकि कहा जा रहा है कि मप्र में कोयला दूसरें प्रदेशों की तुलना में ज्यादा मिल रहा है। लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में बिजली संकट बिल्कुल मुहाने पर खड़ा है। इसी संकट से निपटने के लिए शनिवार को मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। उन्होंने कोयले के लिए तत्काल 850 करोड़ रुपये की मांग की। कंपनी प्रबंधन की माने तो हालात बेहद चिंताजनक है और यदि कोयले की उपलब्धता शीघ्र सुनिश्चित नहीं हुई तो प्रदेश में बिजली कटौती करनी पड़ सकती है।

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देश के अलग अलग राज्यों में कर्नाटक,राजस्थान और पंजाब में बिजली कटौती प्रारंभ हो चुकी है। कोयले की कमी लगभग सभी राज्यों में बनी हुई है। मप्र में कोयले से करीब 5400 मेगावाट बिजली का उत्पादन क्षमता है लेकिन कोयला कम होने के कारण इकाईयां कुछ बंद है जो चल रही है उन्हें आधे लोड पर सिर्फ चलाया ही जा रहा है। ऐसे में करीब 2400 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। मध्य प्रदेश में पावर जनरेशन कंपनी को प्रदेश की वितरण कंपनियों से करीब छह हजार करोड़ रुपये लेने हैं। यह राशि लंबे समय से अटकी पड़ी है। जनरेशन कंपनी की कोल कंपनियों को करीब हजार करोड़ रुपये की देनदारी है। उधारी बढ़ी तो कोयला सप्लाई रोकी गई। अब जैसे पैसा भुगतान हो रहा है उस हिसाब से कोयले की हर दिन सप्लाई मिल रही है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की और करीब 850 करोड़ रुपये का फंड कोयले के लिए मांगा। इधर त्योहार और चुनाव में बिजली संकट ने राज्य सरकार के माथे पर भी पसीना ला दिया है, उन्होंने हालात सुधारने के लिए शीघ्र मदद का भरोसा दिया है।