भाजपा ने आपातकाल को काला दिवस के रूप में मनाया

जबलपुर| संदीप कुमार| भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए आपातकाल लगवाया था जिसको सोचकर आज भी लोग डर जाते है। कांग्रेस का तानाशाह रवैया मीसाबंदीयो को आज भी याद है। ये कहना है मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और मीसाबंदी अजय विश्नोई का। जबलपुर में आज भारतीय जनता पार्टी के संभागीय कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने आपातकाल को काला दिवस के रूप में मनाया।

इस कार्यक्रम में मीसाबंदी अजय विश्नोई,मीसाबंदी शरद जैन सहित कई मीसाबंदी शामिल हुए।इस कार्यक्रम में जबलपुर सांसद राकेश सिंह भी मौजूद रहे।मीसाबंदी और पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने बताया कि अपने ऊपर आई कानूनी और वैधानिक आपत्ति के कारण इंदिरा गांधी ने अपातकाल लगवाया था। दरअसल, 12 जून को हाई कोर्ट इलाहाबाद ने तत्कलीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव पर आपत्ति जताई थी ऐसे में अपनी कुर्सी बचाने के लिए उन्होंने पूरे देश मे अपातकाल लगवा दिया था।विरोध करने वाले जनसंघ के कार्यकर्ताओं को धोखे से जेल ले जाकर बंन्द करवाया गया।इतना ही नही लोकतंत्र को गला घोंटते हुए 19-20 माह तक चले इस काल में प्रेस का कोर्ट का भी दबाया गया।उस समय कहा जाता था कि नो अपील-नो दलील-नो वकील।सरकार के आगे हाई कोर्ट तक मौन हो गया था।सभी लोग नतमस्तक थे,ऐसे विपरीत समय में जब चुनाव के परिणाम आए तो यह समझ में आ गया कि अगर कोई ऐसे समय में जग रहा है तो वह है देश की जनता,चुनाव परिणाम आए और इंदिरा गांधी चुनाव हार गई।

इधर इस कार्यक्रम में मौजूद जबलपुर सांसद राकेश सिंह ने कहा कि उस समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ना सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए बल्कि कांग्रेस ने और उनके एक ही परिवार ने जनता पर जबरन इंदिरा गांधी का नेतृत्व थोपने के लिए आपातकाल जैसा काला कानून देश पर लगवाया था। इस आपातकाल में लाखों परिवार बर्बाद हो गए थे,ना जाने कितने लोगों की जिंदगियां चली गई थी और वह सब सिर्फ इसलिए कि इंदिरा गांधी सत्ता पर बनी रहे, लेकिन हमारा देश लोकतांत्रिक है और बाद में जब चुनाव हुए तो इंदिरा गांधी हार गई। ऐसे में कहा जा सकता है कि देश की जनता को यह आपातकाल बिल्कुल भी रास नहीं आया।