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जबलपुर। संस्कारधानी पहुंचे कम्प्यूटर बाबा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीते 15 सालों से शिवराज सरकार साधु संतो की उपेक्षा करती आ रही है। इन सालों में सबकी पंचायत हुई लेकिन शिवराज सिंह ने साधु संतों की पंचायत नहीं करवाई है।

ये कहना है शिवराज सरकार में मंत्री रहे संत कम्प्यूटर बाबा का। जबलपुर में आज पत्रकार वार्ता में कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि प्रदेश में लगातार गौ माता की हालत खराब हो रही है,साधु संतों की कुटिया तोड़ी जा रही है नर्मदा में उत्खनन लगातार जारी है इसलिए आगामी 23 नवंबर को भोपाल में नर्मदा सांसद बुलाई गई है जिसमे की देश भर से 10 से 15 हजार साधु संत आ रहे है।इस नर्मदा सांसद में ही फैसला होगा कि धर्मरूपी सरकार किसकी लानी है।कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि हमे शिवराज सिंह की सरकार ने मंत्री इसलिए बनाया की वो डर गए थे क्योंकि उनकी नर्मदा यात्रा घोटाला की पोल खुलने वाली थी इसलिए उन्होंने हमें मंत्री बनने का न्योता दिया साथ ही नर्मदा को पुनः जीवित करने का काम भी दिया पर बाद में देखा गया कि सरकार नर्मदा,साधु संत, गौ माता को लेकर गंभीर नही है लिहाजा देश भर के साधु संतों ने इसका विरोध किया इसलिए मैंने भी सबकी बात मानते हुए मंत्री पद को त्याग दिया।

कम्प्यूटर बाबा की माने तो शिवराज सिंह ने सबकी पंचायत बुलाई पर साधु संतों की पंचायत नही बुलाई।इसके चलते हमको और हमारे साधु संतों को लगा कि शिवराज सरकार अधर्मी सरकार है ऐसी सरकार में मंत्री रहना ठीक नही है और यही वजह है कि हमने मंत्री पद त्याग दिया।कम्प्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार के मंत्री अखिलेश्वर नंद महाराज को भी अपनी नर्मदा संसद में आमंत्रित किया है और कहा है कि आप भी आए और अपनी बातें देश भर से आए साधु संतों के सामने रखे।कम्प्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर हथकंडे अपनाने के बाद जब वो सफल नही हुए तो उन्होंने अखाड़े से अपना राजनीतिक रसूख दिखते हुए हटवा दिया।शिवराज सरकार ने अपने भ्रष्टाचार को अखाड़ों के रास्तो से धर्माथ में भी दाखिल कर दिया है।

गौरतलब है कि राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त संत कंप्यूटर बाबा ने एक अक्टूबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने के साथ-साथ कंप्यूटर बाबा ने शिवराज सरकार पर धर्म का अनदेखा करने का भी आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि वह समाज और संतों के हित में जो काम करना चाहते थे, नहीं कर पाए। अब वह प्रदेशभर घूम घूम कर शिवराज और बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं।