सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे दिव्यांग, नियमों में बदलाव की दरकार

जबलपुर | दिव्यांगता अब सरकारी योजनाओं में भी मुसीबत बन रही है यही वजह है कि प्रदेश में बहुत से दिव्यांग आज भी ऐसे हैं जो कि अपनी दिव्यांगता के आड़े आने के चलते सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। ताजा मामला जबलपुर का है जहां एक दिव्यांग किशोर दिव्यांगता की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहा है। 

दिव्यांग किशोर मूरत सिंह ने अपनी समस्या जब निशक्तजन आयुक्त को बताई तो उन्होंने भी माना कि कहीं ना कहीं सरकारी योजनाओं मैं दिव्यांगता को और अधिक छूट की पात्रता होनी चाहिए।दरअसल मझौली निवासी मूरत सिंह के दोनों हाथ विकलांग हैं इतना ही नहीं मूरत सिंह की उंगलियां भी सही ढंग से काम नहीं कर पाती हैं जिसके चलते ना ही उसका राशन कार्ड बन रहा है और ना ही उसे आयुष्मान योजना का लाभ मिल पाया। निशक्तजन आयुक्त संदीप रजक के सामने अपनी समस्या बताते हुए मूरत सिंह ने कहा कि जब वह राशन कार्ड बनवाने गया था तब उसे यह कहकर मना कर दिया कि आपकी उंगलियों की रेखाएं मशीन में नहीं आ रही है। लिहाजा आपका राशन कार्ड नहीं बन सकता।यही समस्या मूरत सिंह के साथ आयुष्मान योजना कार्ड में भी आई।हालांकि मूरत सिंह का आधार कार्ड जरूर बन गया पर वह भी लंबी जद्दोजहद के बाद।इधर मूरत सिंह की समस्या सुनकर निशक्तजन आयुक्त संदीप रजक भी मान रहे हैं कि कहीं ना कहीं दिव्यांगों के लिए योजनाओं के नियम बदलना आवश्यक हो गया है क्योंकि जिस तरह से मूरत सिंह शासकीय योजनाओं के लिए परेशान हो रहा है उसी प्रकार प्रदेश में हजारों दिव्यांग ऐसे होंगे जो कि अपनी दिव्यांगता की वजह से शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।बहरहाल आयुक्त संदीप रजक ने मूरत सिंह को आश्वासन दिया है कि ना सिर्फ उसका राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनेगा बल्कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने उसे शासकीय योजनाओं से वंचित कर रखा था।