डॉक्टरों की हड़ताल का जबलपुर में दिखा असर, अस्पतालों में की गई वैकल्पिक व्यवस्था

-effect-of-doctors'-strike-on-Jabalpur

जबलपुर|

पश्चिम बंगाल के कोलकाता मे इंटर्न डाॅक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद से देश भर के डॉक्टरों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है…साथी डॉक्टर से हुई मारपीट के विरोध मे आज से इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टर 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल पर चले गए है…आईएमए के आवाहन पर बुलाई गई इस हड़ताल के समर्थन में एक जुट होकर डॉक्टरों ने गांव से लेकर देश की राजधानी तक प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया…आईएमए की इस हड़ताल का असर जबलपुर में भी देखने मिला..जहां निजी अस्पतालों से लेकर महाकौशल के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल मे घटना से नाराज अस्पताल के करीब 300 से ज्यादा जूनियर डाॅक्टर्स ने सुरक्षा की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर किया…इस दौरान इमरजेंसी सेवाओं को छोड़ मेडिकल अस्पताल में ओपीडी सहित तमाम सेवाएं बंद रखी गई…विरोध जता रहे जूनियर डाॅक्टर्स का कहना था… कि उनके साथ पूर्व में भी कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी है..लेकिन बावजूद उसके सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार उदासीन रूख अपना रही है…इसलिए सरकार को अब उनकी सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाना चाहिए,यदि सरकार अब भी नहीं चेतती है तो वह अपनी मांगे मनवाने आगे अनिश्चित कालीन हड़ताल का रुखअख्त्यार करेगें…हालाकि डॉक्टरों की इस एक दिन की हड़ताल के चलते मरीज़ो को परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है… सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हुई जो दूर दराज के इलाके से ईलाज के लिए जबलपुर मेडिकल अस्पताल पहुंचे थे।