जवान बेटे का शव लेकर जिला अस्पताल के बाहर घंटों बैठा रहा बुजुर्ग पिता

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Jabalpur – Father Sitting With Son’s Dead Body : जबलपुर के जिला अस्पताल विक्टोरिया गेट के बाहर 26 साल के जवान बेटे की लाश रखकर एक 70 साल का बूढ़ा बाप बैठा रहा, टकटकी निगाहों से गुजरने वालों को देखता फिर बेटे के शव को। गरीबी ने ऐसा सितम ढाया कि एक बेबस बाप अपने बेटे की लाश को कफन- दफन दिलाने के लिए लोगों से भीख मांगता रहा लेकिन उसकी सहायता करने कोई आगे नहीं आया। यह दृश्य सभी ने देखा लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। घंटों विक्टोरिया के मैन गेट पर बेटे का शव रखकर पिता रोता रहा है लेकिन मदद की ढींगे हाँकने वाले शहर के लोगों का दिल नहीं पसीजा। लोग रास्ते से गुजरते और भला- बुरा हुआ कहकर चले जाते। गरीब नवाज कमेटी के सैयद इनायत अली और उनके कार्यकर्ताओं तो खबर लगी तो मोहम्मद इकबाल, रियाज अली को लगी तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे गरीब बाप को सात्वंना देते हुए बेटे का अंतिम संस्कार कराया।

जवान बेटे की मौत से टूटा 70 साल का बुजुर्ग पिता 

लालमिट्टी गोपाल होटल के फुटपाथ में रहने वाले 70 वर्षीय रामदास मोगरे ने बताया कि बेटा 26 साल जितेंद्र मोगरे की अचानक कल गुरूवार को तबियत खराब हो गई थी जिसे विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बेटे की मौत हो गई। बेटे की मौत पर अस्पताल कमेटी के इनायत अली मोहम्मद इकबाल, रियाज अली को लगी तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे गरीब बाप को सात्वंना देते हुए बेटे का अंतिम संस्कार कराया। लाल मिट्टी गोपाल होटल के फुटपाथ में रहने वाले 70 वर्षीय रामदास मोगरे ने बताया कि बेटा जिसकी उम्र 26 साल जितेंद्र मोगरे की अचानक कल गुरूवार को तबीयत खराब हो गई थी जिसे विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बेटे की मौत हो गई।

जिला अस्पताल ने स्टाफ ने बेटे के शव को बाहर किया 

बेटे की मौत पर अस्पताल द्वारा शव लेकर बाहर कर दिया गया, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बेटे का अंतिम संस्कार करा सके। इसलिए बेटे का शव लेकर वह अस्पताल गेट के बाहर बैठ गया और लोगों से मदद की भीख मांगने लगा। रामदास मोगरे का कहना है कि घंटों शव लेकर बैठा रहा किंतु किसी ने उसकी मदद नहीं की। रास्त से गुजर रहे एक व्यक्ति से बेटे का अंतिम संस्कार कराने को कहा तो उसने गरीब नवाज कमेटी के इनायत अली से संपर्ककराया। इनायत अली और उसके साथी पहुंचे फिर बेटे का अंतिम संस्कार कराया।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट 


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Harpreet Kaur

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