ABVP के पूर्व महानगर मंत्री को नही मिली अंतरिम जमानत, दुष्कर्म का है आरोप

जबलपुर,डेस्क रिपोर्ट। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व छात्र नेता शुभांग गोटियां को दुष्कर्म के मामलें में जबलपुर की अदालत ने अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि रेप के आरोप में शुभांग गोंटिया 21 जून से फरार है। इस मामलें में कोर्ट ने कहा अगर ऐसे लोगो को जमानत दी गई समाज मे गलत संदेश जाएगा। पूरा मामला जबलपुर के अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व महानगर मंत्री राइट टाउन निवासी शुभांग गोटिया का है जिसने एक छात्रा को पहले तो प्रेमजाल में फंसाया और फिर उसकी मांग भरने के बाद उसका दैहिक शोषण करने लगा। शुभांग ने तीन साल तक छात्रा का दैहिक शोषण किया। उसका गर्भपात कराया और किसी से कुछ कहने पर आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी। शुभांग के परिजन ने भी छात्रा के परिजन से दुर्व्यवहार किया। शुभांग ने जब पीड़िता से शादी से इनकार किया, तो छात्रा महिला थाने पहुंची और उसने शुंभाग गोंटिया के खिलाफ दुऱाचार का प्रकरण दर्ज करवा दिया। इस पूरे मामलें में जबलपुर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए है,इस मामलें मे अब तक पुलिस शुभांग गोटिया को तलाश नहीं पाई है।

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पुलिस के अनुसार 22 वर्षीय छात्रा शहर के एक कॉलेज में पढ़ती थी। वहां शुभांग का आना-जाना था। वर्ष 2018 में छात्रा और शुभांग में दोस्ती हो गई। शुभांग ने छात्रा से सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से सम्पर्क बनाए रखा और प्रेमजाल में फंसा लिया। शुभांग हमेशा छात्रा से अकेले में मिलने की बात करता। वह छात्रा के घर की दीवार फांदकर उसके घर जाता था। जुलाई 2019 में शुभांग छात्रा के घर पहुंचा। उसने कमरे में छात्रा की मांग भरी और उसे पत्नी बना लिया। उसके बाद छात्रा से शारीरिक सम्बंध बनाए।

छात्रा का इस मामलें में यह भी पुलिस को बताया कि सितम्बर 2019 को पुणे जा रही थी। तब शुभांग ने उसे नरसिंहपुर में ट्रेन से उतारा और उसे गोवा ले गया। वहां ताराकली बीच पर एक होटल में रुका और शारीरिक सम्बंध बनाए। फिर उसने छात्रा को पुणे में छोड़ दिया। इसके बाद अक्सर शशांक पुणे जाता और होटल में कमरा लेकर छात्रा से दुराचार करता। मार्च 2020 में छात्रा पुणे से जबलपुर आई, तो स्टेशन से शशांक ने उसे कार में बिठाया और कान्हा ले गया। वहां रिसोर्ट में रुका और छात्रा से दुराचार किया।इसी बीच जुलाई 2020 में छात्रा का स्वास्थ्य खराब हुआ, तो उसने इसकी जानकारी शुभांग को दी। उस वक्त शुभांग के पिता प्रदीप, मां तारा और बहन दीपिता ने छात्रा से बातचीत की और सब ठीक होने का आश्वासन दिया। उसके बाद शुभांग और दीपिका छात्रा को यादव कॉलोनी स्थित हेल्थ केयर सेंटर ले गए। वहां डॉक्टर ने छात्रा को दवाएं दी और बच्चा हेल्दी होने का आश्वासन दिया। लेकिन, इस दवा से छात्रा का गर्भपात हो गया। छात्रा की हालत बिगडऩे पर फिर से वहां ले जाया गया, जहां छात्रा ने गर्भपात का विरोध किया, तो डॉ. ने कहा कि उन्हें गर्भपात की दवा देने के लिए कहा गया था। इस दौरान भी शुभांग छात्रा के घर आया जाया करता था।