फर्जी बही बनाकर जमानत कराने वाली गैंग का पर्दाफ़ाश, कई जिलों से जुड़े हैं तार, इन तहसीलों की सील बरामद

पकड़ी गई ये गैंग 13 साल से फर्जी बही तैयार कर जमानत करा रहा था| पकड़े गए गिरोह के पास से तेंदूखेड़ा दमोह, कटनी, इटारसी, नरसिंहपुर, मंडला, जबलपुर, सतना, रीवा जिले की कुल आठ तहसील और तहसीलदारों के नाम की सील बरामद हुई है|

जबलपुर, संदीप कुमार| जबलपुर पुलिस (Jabalpur Police) ने एक ऐसे गिरोह का भांडाफोड़ किया,जो फर्जी बही के जरिए आरोपियों को जमानत (Bail) दिलाने का काम करते थे| पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली बही, सील,कंप्यूटर और प्रिंटर जब्त किया है|

पकड़े गए आरोपी महज एक से डेढ़ हजार रुपए में ही फर्जी बही और आधार कार्ड बनवाकर लोगों की कोर्ट से जमानत करवा देते थे,और उस जमानत के एवज में आरोपियों के परिजनों से मोटी रकम वसूला करते थे| लम्बे समय से जबलपुर पुलिस को शिकायत मिल रही थी, कि कोर्ट में ऐसा गिरोह सक्रिय है जो फर्जी बही और अन्य दस्तावेज़ों के आधार पर जमानत करवाता है|

मास्टरमाइंड निगरानीशुदा बदमाश
पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना और मास्टरमाइंड मुन्ना उर्फ शौकत गोहलपुर थाने का निगरानी शुदा बदमाश है,और शौकत को सिविल लाइंस पुलिस ने फर्जी जमानत मामले में 2015 में गिरफ्तार भी किया था| इतना ही नही आरोपी शौकत के खिलाफ नरसिंहपुर जिले के कोतवाली में भी 2017 में इसी तरह का एक मामला दर्ज है, जिसमे शौकत फरार चल रहा था,वहीं गिरोह में शामिल सलमा नाम की महिला के खिलाफ साल 2018 में जबलपुर के सिविल लाइन और बीते साल 20 में ओमती में फर्जी बही लगाकर जमानत कराने का मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था, दोनों ही मामलो में सलाम भी फरार चल रही थी,जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है|

ऐसे करवाते थे जमानत
पुलिस के मुताबिक पकड़ी गई ये गैंग 13 साल से फर्जी बही तैयार कर जमानत करा रहा था| पकड़े गए गिरोह के पास से तेंदूखेड़ा दमोह, कटनी, इटारसी, नरसिंहपुर, मंडला, जबलपुर, सतना, रीवा जिले की कुल आठ तहसील और तहसीलदारों के नाम की सील बरामद हुई है| इसके अलावा 25 फर्जी बही भी मिली है| पुलिस की माने तो आरोपी किसी के भी नाम के खसरे का रिकार्ड निकलवा कर उसकी फर्जी बही बनाते थे, इन बहियों में फोटो मुन्ना, सलमा और उसके बेटों सहित अन्य लोगों का लगाकर कोर्ट से जमानत कराते थे,हालांकि जांच में जुटी पुलिस को फर्जी बही के इस खेल में कुछ वकील और बाबुओं की सांठगांठ का शक भी है, क्योंकि वे ही जमानत कराने वाले आरोपियों का नाम इस गिरोह को उपलब्ध कराते थे, और फिर गैंग फर्जी जमानतदार की व्यवस्था करता था,और फर्जी बही लगाकर जमानत कराई जाती थी,पुलिस की माने तो पूछताछ में गिरोह ने 5 से 10 हजार रुपए एक जमानत कराने के एवज में लेने की बात कबूल की है|

फर्जी बही बनाकर जमानत कराने वाली गैंग का पर्दाफ़ाश, कई जिलों से जुड़े हैं तार, इन तहसीलों की सील बरामद