जबलपुर हाईकोर्ट

जबलपुर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की जबलपुर हाईकोर्ट(Jabalpur Highcourt) ने झोलाछाप डॉक्टरों (Doctors) के मामले मेें सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की है। सरकार ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ 30 जिलों में एक्शन लिया गया है।

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दरअसल, मामला ऋषिकेश सराफ की ओर से दायर किया गया था, जिसमें झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा कोरोना काल में नियमों को ताक पर रखकर एलोपैैथिक दवाइयों से उपचार किये जाने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट (High Court) में झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के बारे में स्टेटस रिपोर्ट पेश हुई।  जिसमें बताया गया कि अब तक 30 जिलों में कार्रवाई की गई है, इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि रिपोर्ट में झोलाछाप डाॅक्टरों की प्रैक्टिस बंद करवाए जाने के बारे में कोई जिक्र नहीं ।

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मामले में एक डॉ. जितेन्द्र सिंह वर्मा को अग्रिम जमानत का लाभ मिला था, न्यायालय ने सभी जमानत संबंधी मामले तलब करते हुए अनावेदक डॉ. वर्मा को मेडिकल डिग्री संबंधी दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिये थे। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने डॉक्टर वर्मा की डिग्री को फर्जी पाते हुए उनकी जमानत निरस्त कर दी थी, कोर्ट ने सरकार को प्रदेश में झोला छाप डाॅक्टरों के खिलाफ कार्यवाही के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये थे।