हाईकोर्ट का सरकार को आदेश, नहीं की जाए शराब ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई

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जबलपुर/संदीप कुमार

शराब ठेकेदारों के मामले में गुरुवार को हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट ने कहा कि सरकार ने जो नई नीति बनाई है वो जिन ठेकेदारों को मंजूर है वे तीन दिन के अंदर शपथ पत्र के साथ हाईकोर्ट के समक्ष रखें। और जिन्हें मंजूर नहीं है वे अपनी दुकान सरेंडर कर सकते है। इस दौरान सरकार की नई नीति को नहीं मानने वालों पर सरकार कोई रिकवरी नहीं करेगी, ये भी हाई कोर्ट ने निर्देश दिए है। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जो लोग नई नीति मानेंगे वे दुकानें सरकार के नियमानुसार चला सकेंगे और जो नहीं मानेंगे उन्हें दुकानों को सरेंडर करना होगा, जिनका पुन: ठेका सरकार द्वारा दिया जाएगा।

हाईकोर्ट का सरकार को आदेश, शराब ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाए
इसके पहले बुधवार को राज्य सरकार और शराब ठेकेदारों के बीच निविदा की शर्तों को लेकर उपजे विवाद की सुनवाई जारी रही। चीफ जस्टिस एके मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच के समक्ष दोनों पक्षों की ओर से दिग्गज वकीलों ने चार घंटे तक दलीलें दीं। समयाभाव के चलते कोर्ट ने मामले की आगे सुनवाई गुरुवार को भी करने के निर्देश देकर कहा कि इस बीच ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न की जाए। वही कार्रवाई करते हुए अब हाईकोर्ट द्वारा सरकार को शराब ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं।