आखिरी समय में बेटी ने ही साथ छोड़ा, माँ ने सड़क किनारे तड़प-तड़प कर तोड़ा दम, मुस्लिम युवक ने किया अंतिम संस्कार

महिला की दोनों किडनी खराब हो गई थे जिसके बाद उसकी बेटी उसे लावारिस छोड़कर घर चली गई थी, बेसहारा माँ ने सड़क किनारे मंदिर के बाहर ही रहने का फैसला किया, आज उसकी मौत हो गई। जिसके बाद मुस्लिम युवक इनायत अली ने उसका अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज से किया।

Jabalpur Woman’s Death :  जबलपुर के रद्दी चौकी में रहने वाली 40 वर्षीय महिला की तड़प-तड़प कर सड़क किनारे मौत हो गई। महिला करीब 3 दिन से सड़क किनारे पड़ी हुई थी जिसकी दोनों किडनी खराब होने के बाद मेडिकल कॉलेज से छुट्टी कर दी गई थी। महिला की एक 20 वर्षीय लड़की भी है लेकिन जब उसने अपनी मां को साथ ले जाने से इनकार किया तो महिला ने सड़क किनारे स्थित दुर्गा मंदिर को ही अपना आश्रय बना लिया। 3 दिन तक जिंदगी मौत से लड़ने के बाद आखिरकार आज 40 वर्षीय शीलू सिंह ठाकुर की मौत हो गई। शीलू सिंह का अंतिम संस्कार गरीब नवाज कमेटी ने किया।

लावारिस लाशों का मसीहा इनायत अली 

गरीब नवाज कमेटी के सदस्य इनायत अली ने बताया कि 3 दिन पहले जब शीलू सिंह ठाकुर जिंदा थी,उस समय उन्हें किसी ने जानकारी दी कि सड़क किनारे एक महिला बीमार हालत में पड़ी हुई है, इसके बाद से ही गरीब नवाज कमेटी के सदस्य रोजाना शीलू को दो वक्त खाना और पानी दिया करते थे। शीलू जब जीवित थी तो उसने बताया था कि वह 1 सप्ताह तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती रही है, डॉक्टरों ने उसकी दोनों किडनी खराब होना बताया था और बेटी से यह भी कहा था कि उसे घर ले जाओ और सेवा करो, लेकिन बेटी ने उसे घर ना ले जाकर अस्पताल में छोड़ कर चली गई थी। इसके बाद शीलू मेडिकल कॉलेज से बाहर निकली और फिर पुराने बस स्टैंड के पास स्थित दुर्गा मंदिर में रहने लगी। आज जब शीलू की मौत हुई तो उसकी 20 वर्षीय बेटी भी आ गई, गरीब नवाज कमेटी के सदस्यों ने जब शीलू की 20 वर्षीय बेटी खुशी से मां की सेवा ना करने को लेकर बात की तो वह खामोश रही और जोर जोर से रोने लगी। फिलहाल गरीब नवाज कमेटी ने खुशी के हाथों उसकी मां शीलू का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करवाया।

जबलपुर से संदीप कुमार की रिपोर्ट