जबलपुर में आयकर विभाग का बड़ा खुलासा, 400 से अधिक खातों में ‘कालेधन’ की आशंका

जबलपुर। नोटबंदी लागू होने के बाद आयकर विभाग की इंटेलीजेंस टीम ने कई संदेहास्पद बैंक खातों की छंटनी की है। इन खातों में 500 के पुराने नोट के जरिए लाखों रुपए जमा किए गए थे। जबलपुर में 400 से अधिक ऐसे खातों की पहचान की गई है, जिनमें काले धन की आशंका जताई जा रही है। विभाग ने इन खाताधारकों को नोटिस जारी कर आय का स्रोत और जमा किए गए नोटों की संख्या की जानकारी मांगी है। जानकारी गलत होने पर इसे इनकम मानकर टैक्स वसूला जाएगा।कालाधन, नकली नोट और आतंकवादी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में 8 नवम्बर, 2016 से नोटबंदी लागू की गई थी। 500 और एक हजार रुपए के नोट को चलन से बाहर कर दिया गया था। इनके बदले 500 और 2000 रुपए के नए नोट भारतीय रिजर्व बैंक ने जारी किए थे। सरकार ने खाता धारकों को एक अवधि तक 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट को बैंकों में जमा कराने के लिए कहा था।

4 सौ से ज्यादा खातों में करोड़ों का कालाधन ?

सरकार ने 9 नवम्बर से 30 नवम्बर तक पुराने नोट जमा करने का समय तय किया था। इस दौरान कई खातों में आय से अधिक राशि जमा की गई। नोटबंदी के कुछ समय बाद आयकर विभाग की इन्वेस्टीगेशन विंग ने बैंकों से नोट जमा करने का डाटा मांगा था। करीब तीन साल बाद 400 से अधिक खाते ऐसे मिले हैं, जिनमें जमा की गई राशि संदेहास्पद है।