शराब ठेकेदारों को अंतरिम राहत रहेगी बरकरार, कल सरकार रखेगी अपना पक्ष

जबलपुर| संदीप कुमार| मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में शराब ठेकेदारों (Liquor contractors) और सरकार (MP Government) के बीच चल रहा विवाद फिलहाल थमता नज़र नहीं आ रहा। आज फिर शराब ठेकेदारों की याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur Highcourt) में लंबी सुनवाई हुई। करीब 4 घण्टे तक चली सुनवाई में शराब ठेकेदारों की ओर से लंबी बहस की गई। मामले पर जबलपुर हाईकोर्ट ने कल भी सुनवाई जारी रखने का आदेश दिया है।

कल राज्य सरकार के वकील अपना पक्ष पेश करेंगे।इस बीच जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को ये भी आदेश दिया है कि वो कोर्ट के आगामी आदेश तक शराब ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। आज मामले पर सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जिरह पेश की जानी थी लेकिन करीब 4 घण्टे तक शराब ठेकेदारों की ओर से ही तर्क पेश किए जाते रहे और सरकारी वकीलों को जिरह करने का वक्त नहीं मिल सका। ऐसे में हाईकोर्ट ने मामले पर कल भी सुनवाई जारी रखने के आदेश दिए हैं।

गौरतलब है कि शराब ठेकेदारों ने कोरोना लॉक डाऊन में हुए घाटे का हवाला देकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। शराब ठेकेदारों ने लॉक डाऊन अवधि में हुए नुकसान की भरपाई करने, ठेके के वक्त जमा करवाई गई बिड राशि घटाने या पूरे ठेके नए सिरे से जारी करने की मांग की है। शराब ठेकेदारों ने राज्य सरकार द्वारा आबकारी नीति में किए गए उस संशोधन को भी चुनौती दी है जिसमें सरकार ने किसी शराब ठेकेदार का लायरेंस रद्द होने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने और उसे किसी दूसरे जिले के टेंडर में हिस्सा ना लेने देने का भी प्रावधान किया है।