यहां चालान भरना पसंद है, लेकिन नियमों का पालन नही…विभाग ने 1 साल में वसूले 5 करोड़

जबलपुर।
स्मार्ट सिटी बन रहे जबलपुर के लोग चालान भरना पसंद करते हैं लेकिन यातायात नियमों का पालन करना उन्हें जरा भी पसंद नहीं है, जी हां सुनकर हैरानी होगी, लेकिन यातायात विभाग द्वारा पिछले एक साल में की गई कार्रवाई के आंकड़े सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे, दरअसल 1 जनवरी 2019 से यातायात विभाग ने जबलपुर के लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया और तमाम जागरूकता अभियान चलाए, साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई शुरू की जिसके परिणाम स्वरूप बीते एक साल में 5 करोड़ रूपए चालान के तौर पर वसूल किए है।

दरअसल स्मार्ट सिटी में तब्दील हो रहे जबलपुर में बे पटरी हो चुके यातायात को सुधारने के लिए सीसीटीएनएस ट्रेफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया है…ट्रैफिक पुलिस ने इस सीसीटीएनएस सिस्टम के तहत शहर के 15 चौक चौराहों पर सिग्नल के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं…साथ ही इन चौराहों में महानगरों की तर्ज पर स्टॉप लाइन और जेब्रा क्रॉसिंग भी बनाई है…ताकि बेतरतीब तरीके से गाड़ी चलाने वाले लोग स्टॉप लाइन पर आकर अपने वाहन रोकें और यातायात नियमों का पालन करें….लेकिन ट्रैफिक पुलिस की उम्मीद के उलट लोग यातायात के नियमों को लेकर संजीदा नहीं हुए है…ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की मानें तो बीती 19 जनवरी 2019 को सीसीटीएनएस सिस्टम जबलपुर में लागू किया गया था…और तब से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक करीब 2 लाख लोगों ने यातायात के नियमों को तोड़ने का काम किया है..जिसमें 1 लाख 50 हजार से ज्यादा ई चालान हुए है, इन ई चालानों में से 1 लाख 10 हजार लोगों को चालान भेजे गए है,उसमे से 60 हजार लोगों को मिल गए है,जिनसे 2 करोड़ रुपये ई चालान का वसूला गया है,इसी तरह 90 हजार ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने मैन्युअल तरीके से यानी सड़क पर खड़े होकर वाहन चैकिंग करते हुए चालान किए है,जिससे 3 करोड़ रूपए वसूल किए गए,पुलिस अधिकारियो की माने तो जो लोग बार बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ रहे है…अब ऐसे लोगों के ड्राइविंग लायसेंस रद्द करने की कार्यवाई की जाएगी।