जबलपुर : सरकार की तरफ से हाई कोर्ट में पेश की गयी रिपोर्ट, कहा पांच जिलों में लगा दी है सीटी स्कैन मशीन

याचिका पर सुनवाई करते हुए अब 19 मई को निर्धारित करते हुए स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये है।

जबलपुर, संदीप कुमार। जबलपुर हाईकोर्ट (High Court) ने मध्यप्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government ) को कटनी (Katni) सहित अन्य 9 जिलों की जिला अस्पतालों में टेंडर जारी होने के बाद भी सीटी स्कैन मशीन (CT scan machine) नहीं लगाये जाने पर नाराजगी जाहिर की थी और इस जनहित याचिका पर सुनवाई की थी। जिसमें आज मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में लगी याचिका पर सुनवाई के दौरानसरकार की तरफ से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक तथा जस्टिस अतुल श्रीधरन की युगलपीठ को सरकार की तरफ से बताया गया कि पांच जिलों में सीटी स्कैन मशीन लगा दी गयी है तथा अन्य जिलों में कार्य जारी है, युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अब 19 मई को निर्धारित करते हुए स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये है।

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जानकारी के मुताबिक कटनी मुड़वारा निवासी दिव्यांशू उर्फ अंशु मिश्रा की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि कटनी के जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन के लिये वर्ष 2017 में टेंडर निकाला गया था, वर्ष 2018 में सीटी स्कैन मशीन लगाने का ठेका मेसर्स सिद्धार्थ एमआरआई एण्ड सीटी स्कैन कंपनी को मिला, याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि 20 माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाई गई, मशीन लगाने के लिए स्थान का आवंटित भी कर दिया गया था,बावजूद इसके कोरोना काल में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन की काफी आवश्यकता पड़ रहीं है।

देरी करने वाले लोगों पर हो कार्यवाही- हाईकोर्ट
याचिका में कहा गया था कि संबंधित कंपनी को कटनी के साथ ही मण्डला, रतलाम, बालाघाट, मंदसौर, शाजापुर, धार, खंडवा और शहडोल के जिला अस्पतालों में भी सीटी स्कैन मशीन लगाने का ठेका मिला था। लेकिन कंपनी ने अब तक एक भी जिले में सीटी स्कैन मशीन नहीं लगाई है, याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सभी जिलों में अप्रैल 2021 में स्थापित करने के निर्देश दिए है, साथ ही हुई लेट लतीफी के लिए दोषी व्यक्तियों को पर कार्यवाही के निर्देश भी हाईकोर्ट ने दिये है, पूर्व में सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश किये गये जवाब में कहा गया था कि दीनदयाल, आयुष्मान तथा बीपीएल कार्डधारियों के लिए फ्री सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है तथा एपीएल के लिए 932 रूपये शुल्क लिया जा रहा है,याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से पेश किये गये आवेदन में कहा गया था कि एपीएल वर्ग से सीटी स्कैन के लिए ढाई हजार रूपये लिये जा रहे है, याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता योगेश सोनी पैरवी कर रहे है।

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