प्रयागराज की तर्ज पर जबलपुर में होगा भव्य कुंभ, नर्मदा तट पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

जबलपुर|  24 फरवरी से 6 मार्च तक जबलपुर में माँ नर्मदा के तट पर देश भर के साधु संतों का जमावड़ा लगने जा रहा है| क्योंकि हर 6 साल में आयोजित होने वाले नर्मदा कुंभ का आयोजन इस साल 24 फरवरी से 6 मार्च तक संस्कारधानी में नर्मदा के तट ग्वारीघाट में होगा|  कुंभ को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज़ कर दी है| खास बात ये है कि प्रयागराज कुंभ की तर्ज पर नर्मदा कुंभ की भव्यता को बढ़ाने इस बार इसके स्वरूप में चार चांद लगाने का प्रयास किया जा रहा है| जहां कुंभ के लिए 2 करोड़ का बजट पहले ही स्वीकृत कर दिया गया है| वहीं निगम प्रशासन ने सभी तरह की तैयारियां पूरी करने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग से 15 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट और मांगा है, ताकि नर्मदा कुंभ क्षेत्र यानी ग्वारीघाट को भव्यता देने का काम हो सकें| 

प्रयागराज कुंभ की तर्ज पर नर्मदा कुंभ को भव्यता देने के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर ग्वारीघाट के सभी नर्मदा तटों की मरम्मत के साथ सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा, साथ ही साधु संतों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आसपास की सभी धर्मशालाओं की रंगाई-पुताई से लेकर रहने खाने की व्यवस्था भी की जाएगी| इसके अलावा गीताधाम के सामने समागम स्थल की जमीन का समतलीकरण, दो से ज्यादा बड़े डोम के अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच का निर्माण भी किया जाएगा…ग्वारीघाट तक जाने वाले सभी रास्तो की मरम्मत के साथ कुंभ क्षेत्र में एक से दूसरी जगह जाने के लिए ई रिक्शा का संचालन किया जाएगा,इसी तरह भटौली सहित जिलहरी घाट,खारी घाट शनि मंदिर के इलाके को भी आकर्षक बनाया जाएगा,पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नावों को सजाने संवारने के काम के साथ संतों, श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, अस्थाई शौचालयों, स्नानागार का निर्माण किया जाएगा…यही कारण है कि ब्लू प्रिंट के तहत नर्मदा कुंभ को प्रयागराज कुंभ जैसा आकर्षक बनाने के लिए वित्त मंत्री तरुण भानोत ने आयोजन को लेकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है…जिसके बाद हरकत में आते हुए निगम प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेज दिया है…दरअसल 1990 से आयोजित हो रहे नर्मदा कुंभ में इस बार काफी कुछ खास हो सकता है, कलेक्टर भरत यादव ने बताया कि नर्मदा के उद्गम स्थल से लेकर भरुच तक आने वाली संस्कृति का समावेश इस आयोजन में देखने को मिलेगा…सांस्कृतिक गतिविधियों में लोकगीत…भक्ति भाव से ओतप्रोत भजन और कुछ कलाकारों को भी शामिल किया जा रहा है, ताकि आयोजन में लोक संस्कृति और अध्यात्म से जुड़े कलाकारों को जोड़ा जा सके…खास बात ये है कि अब तक आयोजन का स्वरूप छोटा ही रहा है लेकिन इस बार मध्य प्रदेश सरकार भी आयोजन का महत्व को बढ़ाने इसे संस्कृति विभाग के कैलेंडर में एक ओर जहां शामिल करने वाली है वही करोड़ों के बजट से अब ना केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश भर में इसे अलग पहचान दिलाई जाएगी… कलेक्टर भरत यादव की माने तो नर्मदा कुंभ के भव्य कार्यक्रम को अच्छा करने कि कोशिश कर रहे हैं जिसको लेकर तैयारियां चल रही है,इस बार नर्मदा कुंभ में थीम बेस्ट अलग-अलग दिन अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे…,चित्रकला रंगोली लोक गायन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी जिससे कि कला और संस्कृति को बढ़ावा मिले और नर्मदा के संरक्षण संवर्धन के लिए लोगों को जागरूक किया जा सके।

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