सहारा पैराबैंकिंग कंपनी के खिलाफ निवेशकों का फूटा गुस्सा, रैली निकालकर किया प्रदर्शन

प्रदर्शन में शामिल हुए कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को 1 हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है।

जबलपुर,संदीप कुमार। जबलपुर (jabalpur) में आज एक बार फिर सहारा पैराबैंकिंग कंपनी के खिलाफ निवेशकों का गुस्सा फूटा है।कांग्रेस के साथ सैकड़ो निवेशकों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट का घेराव करने की कोशिश की जिन्हें पुलिस ने घन्टाघर में ही रोक लिया,प्रदर्शन के दौरान निवेशकों और पुलिस की हल्की झड़प भी हुई।सहारा कंपनी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना नगर अध्यक्ष जगत बहादुर आलू और कांग्रेस प्रदेश महासचिव सौरभ शर्मा भी मौजूद रहे।

जबलपुर में 700 करोड़ रु का हुआ है सहारा में निवेश
जबलपुर में सहारा कंपनी पर निवेशकों ने बड़े ही विस्वास के साथ पैसे लगाए थे जिस पर से की उन्हें कंपनी से धोखा मिला,सिर्फ जबलपुर में ही हजारों निवेशकों ने लगभग 700 करोड़ रु निवेश किया है। कंपनी एजेंट बताते है कि निवेशक अब उन्हें परेशान कर रहे हैं इतना ही नहीं कई बार तो घर आकर धमकी भी दी जा रही है निवेशक दुर्गा वर्मा ने बताया कि उसके 2000000 रुपए स्वयं की जबकि बहुत से लोगों से भी उसने रुपए लेकर सहारा में जमा करवाए थे जो कि उसे नहीं मिल पा रहे हैं।

एक हफ्ते का अल्टीमेटम
प्रदर्शन में शामिल हुए कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को 1 हफ्ते का अल्टीमेटम दिया है। कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि 1 हफ्ते के भीतर अगर राज्य सरकार और जिला प्रशासन सहारा में निवेश करने वाले निवेशकों के रुपए वापस नहीं करवाती है तो आने वाले समय में ना सिर्फ उग्र आंदोलन किया जाएगा बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को चूड़ियां भी भेंट की जाएगी।

छत्तीसगढ़ की सरकार ने उठाया है प्रभावी कदम
कांग्रेस प्रदेश सचिव सौरभ शर्मा की माने तो छत्तीसगढ़ की सरकार ने सहारा कंपनी के खिलाफ त्वरित कदम उठाते हुए एफ.आई.आर दर्ज करवाई नतीजन निवेशकों को कंपनी ने रुपए देना शुरू कर दिया है, जबकि मध्यप्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नहीं दी रही है जिससे साफ जाहिर होता है कि सहारा पैराबेकिंग कंपनी को मध्य प्रदेश सरकार का संरक्षण है।