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जबलपुर| हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में उपजे विवाद से सीख लेते हुए लोकसभा चुनाव में किसी भी प्रकार का विवाद न हो इसके लिए निर्वाचन आयोग ने देश भर के संवेदनशील मतदान केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों और बेब कॉस्टिंग के माध्यम से मतदान केंद्रों की निगरानी करने का फैसला किया है…जबलपुर में भी निर्वाचन आयोग लोकसभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान के दिन क्लोज सर्किट कैमरों और बेब कॉस्टिंग के जरिये बूथों की लाइव निगरानी करेगा…इसके लिए जिला निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है…जबलपुर लोकसभा में कुल 2128 मतदान केंद्र बनाए गए है.. जिसमे से 361 संवेदनशील और 31 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र है…इन मतदान केन्द्रों में मतदान वाले दिन किसी प्रकार की हिंसा, उपद्रव या फिर वोटिंग के दौरान गड़बड़ी न हो सके.. इसके लिए जिला निर्वाचन आयोग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रो के मतदान केन्द्रो में सीसीटीवी कैमरे ओर बेब कास्टिंग की तैयारी की है…जबलपुर जिला निर्वाचन अधिकारी की माने तो मतदान केंद्रों में तीसरी आंख से नजर रखने के लिए जबलपुर में अलग से एक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है…जहा से पल पल की गतिविधियों पर निर्वाचन अधिकारी और पर्वेक्षक नजर रख सकेगें.. वही भोपाल और दिल्ली में बैठकर चुनाव आयोग के आला अधिकारी भी मतदान के दिन पल पल की घटनाओ पर अपनी पैनी नज़र बनाकर रखेंगे…दरअसल जबलपुर लोकसभा की बात करें तो इसमें शामिल 8 विधान सभाओ में खास तौर पर पनागर,पूर्व और बरगी विधानसभा क्षेत्र ऐसे है..जहां चुनाव के दौरान अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों में विवाद की स्थिति बनती है…और यही वजह है कि इन क्षेत्रों में पड़ने वाले अतिसंवेदनशील केंद्रों में 29 अप्रैल को होने वाले मतदान के दौरान विवाद की स्तिथ न बने..इसके पूर्व ही सुरक्षा के लिहाज से चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इन मतदान केंद्रों को जहां सीसीटीवी कैमरे सहित तमाम इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस से लैस किया गया है…वही पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए सुरक्षा कारणों से अर्ध सैनिक बल भी तैनात करने को कहा गया है…जिला निर्वाचन अधिकारी की माने तो जिले के दूर दराज के जिन मतदान केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों और बेबकॉस्टिंग की व्यवस्था नहीं हो पाई है..वहां विडियो कैमरों से नजर रखने और उसकी रिकार्डिंग कराने के निर्देश दिए गए है…क्योंकि चुनाव आयोग के दिशा निर्देश पर ये तमाम इंतजाम इसलिए किये जा रहे है…ताकि विवाद होने की स्तिथि में झगडे की वजह का पता चल सकें…साथ ही बात बिगड़ने पर कैमरों की रिकार्डिंग को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकें।