मध्यप्रदेश : नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े मामले में हाई कोर्ट ने दिखाई सख्ती

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों के फर्जीवाड़े मामले पर सख्ती दिखाई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश नर्सिंग काउंसिल से पूछा है कि उसने 149 कॉलेजों पर अभी तक कार्यवाई क्यों नहीं की जिन्होने नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध संचालित हो रहे नर्सिंग कॉलेजों पर कार्यवाई करने के लिए नर्सिंग काउंसिल को 2 दिनों का समय दिया है। हाईकोर्ट ने काउंसिल से अब तक हुई कार्यवाई का ब्यौरा शपथपत्र पर पेश करने के आदेश दिए हैं।

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दरअसल पिछली सुनवाई पर कोर्ट की सख्ती के बाद आज एमपी नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार की ओर से जवाब पेश किया गया था। इसमें कहा गया कि साल 2020-21 में नियम विरुद्ध खुले नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी गई है जबकि 453 में से 149 नर्सिंग कॉलेजों ने काउंसिल के नोटिस का जवाब नहीं दिया है। नोटिस का जवाब ना देने वाले कॉलेजों पर अब नर्सिंग काउंसिल को 2 दिनों में कार्यवाई करनी होगी। गौरतलब है की जबलपुर की लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रदेश के 453 नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता देने में फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया है कि कई नर्सिंग कॉलेज गाड़ियों के शोरुम और वर्कशॉप में चल रहे हैं जिनमें ना लैब-लायब्रेरी है और ना कॉलेज-हॉस्टल की बिल्डिंग। याचिका में इस फर्जीवाड़े को प्रदेश के हैल्थ सेक्टर से खिलवाड़ बताया गया है।