मंडी एक्ट के खिलाफ 3 सितंबर से मंडी कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल, करोड़ों का काम होगा प्रभावित

जबलपुर, संदीप कुमार। मंडी एक्ट के विरोध में प्रदेश भर में कार्यरत मंडी कर्मचारियों ने आगामी तीन दिन के लिए काम बंन्द हड़ताल करने की रणनीति बना ली है। इस हड़ताल से पूरे प्रदेश भर की करीब 259 मंडियों में पूरी तरह से काम बंद रहेगा। मंडियों के बंद होने से पूरे प्रदेश में करोड़ों का व्यापार चौपट होने का अंदेशा है।

प्रदेश भर में 259 उपज मंडियां हैं, इन मंडियों का कार्यभार मंडी समिति संभालती है। मंडी प्रांगण के अंदर आने वाले माल को लाइसेंसधारियों और गल्ला से जो आय होती है उसी से मंडी समितियों में पदस्थ कर्मचारियों का वेतन बनता है। लेकिन अब मंडी एक्ट लागू होने से किसानों का माल सीधे बाजार में उतारा जा रहा है, जिसका विरोध लगातार मंडी समिति कर्मचारियों द्वारा किया जा रहा है। अब इस विरोध में अधिकारियों ने भी हुंकार भर दी है जिसके बाद मध्य प्रदेश की 259 कृषि उपज मंडी 3 सितंबर से आगामी 3 दिन के लिए बंद की जा रही है। इससे पूरे प्रदेश में करोड़ों रुपए का व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा।

संभाग में है 33 मंडियां, सभी रहेंगी बंद
जबलपुर कृषि उपज मंडी सहित संभाग भर में करीब 32 मंडियां हैं इसमें सिहोरा, पाटन शहपुरा और मुख्य कृषि उपज मंडी है। इन मंडियों में 200 अधिकारी-कर्मचारी पदस्थ है, जबकि प्रदेश भर में 5000 से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी हैं। अगर मंडी मॉडल एक्ट लागू किया जाता है तो इन कर्मचारियों की नौकरी खतरे में आ जाएगी।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा के मुताबिक मध्यप्रदेश शासन द्वारा 1 मई को मॉडल एक्टर एक्ट लागू करने का अध्यादेश जारी किया गया लेकिन उसके नियम व दिशा निर्देश वर्तमान तक जारी नहीं हुए अर्थात उपरोक्त एक्ट वर्तमान में क्रियाशील नहीं है। केंद्र शासन द्वारा 5 जून 2020 से कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य अध्यादेश जारी किया गया किंतु राज्य शासन द्वारा अध्यादेश को अंगीकृत करने के संबंध में भी स्पष्ट नियम व दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए।